भाजपा विधायक के घर के आगे बैठे ग्रामीण।
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फतेहाबाद से भाजपा विधायक दुड़ाराम के चालक द्वारा कुछ दिन पहले जहर निगलने के मामले में शुक्रवार को एक बार फिर बवाल हो गया। विधायक का अब हटाया जा चुका चालक सुभाष शुक्रवार को अपने परिजनों और गांव कुम्हारिया के ग्रामीणों को साथ लेकर विधायक के घर के बाहर धरने पर बैठ गया और रोड जाम कर दिया। उन्होंने विधायक, उसके पीए पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
पूर्व चालक सुभाष का कहना है कि विधायक द्वारा उस पर दबाव बनाने और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी देने के बाद उसने अपने बयान पलट दिए थे। लेकिन जो सुसाइड नोट में लिखा था, वह सब सच था। अब उसे न्याय चाहिए। आरोप है कि विधायक के पीए राजबीर व उसके दो सहयोगियों ने सरकारी नौकरियां लगवाने के लिए सुभाष से 85 लाख रुपये लिए थे। मगर एक भी व्यक्ति नौकरी नहीं लगवाया गया। इस मामले में करीब दो माह पहले चालक सुभाष का सुसाइड नोट वायरल हो गया था और चालक को जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सुसाइड नोट में सुभाष ने विधायक के पीए राजबीर व अन्य पर नौकरी दिलवाने के नाम पर रुपये ऐंठने के आरोप जड़े थे, उसके अनुसार उसने कुछ अन्य लोगों से रुपये लेकर पीए को दिए थे, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वह पुलिस को दिए बयान से पलट गया था और कहा था कि उसने गलती से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था और सुसाइड नोट के बारे में उसे पता नहीं है। इस पर मामला निपट गया था, लेकिन अब दो माह बाद वह परिजनों और लोगों के साथ शुक्रवार को वह विधायक के आवास पर पहुंचा और धरना दे दिया। उसका कहना है कि उससे 86 लाख रुपये लिए गए हैं, जो अलग-अलग लोगों के थे। साथ ही आरोप जड़े कि हो सकता है पीए ने यह रुपये विधायक को भी दिए हों। बयान पलटने पर उसने कहा कि विधायक ने उस पर दबाव बना दिया था और कहा था उसके परिवार को खत्म करवा दिया जाएगा और उसे कहा था कि उसका हिसाब कर दिया जाएगा। दो माह बाद भी उसका हिसाब नहीं किया। इसलिए आज उन्होंने धरना दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने यहां नारेबाजी की और रोड जाम कर दिया।
दो बार बातचीत करने पहुंचे विधायक, सिरे नहीं चढ़ी बात
इस दौरान विधायक दुड़ाराम दो बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन दोनों ही बार लोगों ने हूटिंग कर दी। इसके बाद विधायक घर के अंदर चले गए। इस संबंध में विधायक दुड़ाराम का कहना है कि अगर ग्रामीणों को लगता है कि पीए के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए या वह किसी मामले में दोषी है तो उसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दें।