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दौलतपुर में 12 घंटे बाद आग पर पाया काबू, 273 रहा एक्यूआई

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फतेहाबाद में शाम के समय बदला मौसम। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। गांव दौलतपुर में पराली की गांठों में लगी पर रात करीब ढाई बजे काबू पाया गया। 12 घंटे तीन जिलों की 20 दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियों को करीब 625 चक्कर काटने पड़े। रात ढाई बजे तक दमकल गाड़ियां पानी लाने के लिए चक्कर काटती रहीं।
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हालांकि आग लगने का अभी खतरा बना हुआ है, गांठों के अंदर से धुआं निकल रहा और थोड़ी-थोड़ी देर बाद आग लग रही है। दमकल विभाग एहतियात के तौर पर आग पर काबू पाने के लिए दो दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात कर रखी है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों को शुक्रवार को 14 जगहों पर आग लगने की लोकेशन मिली है। अब तक विभाग को हरसैक से 1332 लोकेशन मिल चुकी है। कृषि उप निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि लोकेशन मिलने के बाद टीमें जांच कर रही है, जहां पर पराली जली मिली है उन किसानों को जुर्माना किया जा रहा है।
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10 एकड़ में रखी पराली की गांठों में लगी थी आग
वीरवार दोपहर को गांव दौलतपुर के पराली एकत्र केंद्र पर बिजली की तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। यहां पर 25 गांवों की करीब 1000 एकड़ की पराली की गांठें रखी गई थी। शॉर्ट सर्किट के कारण दोपहर करीब दो बजे आग लग गई थी। आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फतेहाबाद के अलावा हिसार, सिरसा की दमकल गाड़ियां रात ढाई बजे तक आग बुझाने में जुटी रहीं।
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अभी खराब है जिले की हवा
शुक्रवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 273 रहा। हालांकि वीरवार के मुकाबले हवा ठीक थी, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक जिले का एक्यूआई अभी भी ज्यादा है। पिछले 15 दिनों से एक्यूआई जिले का ज्यादा रहा है।
जानिए पिछले एक सप्ताह में कितना रहा है जिले का एक्यूआई
दिन एक्यूआई
12 नवंबर 422
13 नवंबर 330
14 नवंबर 294
15 नवंबर 360
16 नवंबर 356
17 नवंबर 314
18 नवंबर 303
19 नवंबर 273
जाने कितना खतरनाक है एक्यूआई
एक्यूआई स्थिति
0 से 50 अच्छा
51 से 100 संतोषजनक
101 से 200 प्रदूषित
201 से 300 खराब
301 से 400 बहुत खराब
401 से 500 गंभीर
कोट
जिले में अब तक 1332 जगहों पर आग लगने की लोकेशन हरसैक से मिल चुकी है। टीमें गठित की गई है जो कि मौके पर जाकर जांच कर रही है। पराली में आग न लगाएं इसको लेकर किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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- राजेश कुमार, कृषि उप निदेशक
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