नेशनल हेल्थ मिशन के तहत काम कर रहे कर्मचारियों ने बुधवार को भी हड़ताल को जारी रखा और फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के बाहर धरना देकर सरकार के अडियल रवैये पर रोष जताया। मंगलवार को एनएचएम एमडी के साथ हुई बातचीत में भी अधिकारी द्वारा कोई लिखित आश्वासन न देने से एनएचएम कर्मचारियों में काफी रोष है और एनएचएम सांझा मोर्चा ने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है।
बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने शहीद उद्यम सिंह के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजली दी और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। वित्त विभाग द्वारा एनएचएम कर्मचारियों के वेतन आयोग को फ्रीज करने के आदेशों ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया और इससे खफा एनएचएम कर्मचारियों ने धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए वित्त विभाग के आदेशों की प्रतियां फूंकी। बुधवार को युवा कांग्रेस नेता आनंदवीर गिलाखेड़ा ने भी धरनास्थल पर जाकर एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
एनएचएम सांझा मोर्चा के विष्णु मित्तल, बलराज, नरेन्द्र खरब, सुमन, कमलदीप, वीना आदि कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ सांझा मोर्चा की कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
एनएचएम के अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन तो दे रहे हैं लेकिन कोई भी बात लिखित तौर पर मानने को तैयार नहीं है। एनएचएम एमडी ने पहले हड़ताल खत्म करने और उसके बाद लिखित आश्वासन देने की बात कही है लेकिन सांझा मोर्चा सरकार व अधिकारियों को साफ करना चाहता है कि पहले भी कर्मचारी कई बार धोखा खा चुके हैं लेकिन इस बार जब तक सरकार लिखित में उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
उन्होंने हड़ताल के कारण आमजन को हो रही असुविधा के लिए प्रदेश सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को जिम्मेदार बताया और कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को मानने की बजाय अब सरकार के वित्त विभाग ने वेतन आयोग को कंसोलिडेटेड करने का फरमान जारी कर कर्मचारियों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। ऐसे में कर्मचारियों ने ऐसे फरमान की प्रतियां फूंककर अपने गुस्से का इजहार किया।