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मृत पड़े सुअर और सांड़ से बचने में पेड़ में दे मारी कार, दो युवकों की मौत, एक गंभीर

Wed, 08 Feb 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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हादसे का शिकार हुई क्षतिग्रस्त कार । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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लावारिस पशु एक बार फिर से काल बनकर सामने आए हैं। हिसार रोड पर गांव खाराखेड़ी के जवाहर नवोदय विद्यालय के पास तेज रफ्तार कार के सामने एक लावारिस पशु के आने से उसका संतुलन बिगड़ गया और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान रानियां निवासी गुरविंद्र (23) एवं भट्टू के गांव बनमंदौरी निवासी मैनपाल (24) के रूप में हुई है। कार में सवार तीसरा युवक महेंद्र था, जो मैनपाल का साला था। हादसे की सूचना मिलते ही सदर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार में सवार दोनों युवकों के शव निकाले और तीसरे युवक महेंद्र को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल भिजवाया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते सोमवार रात ही अग्रोहा रेफर कर दिया गया। हादसे में मारा गया गुरविंद्र अपने जमींदार माता-पिता का इकलौता बेटा था।


सरकारी अस्पताल में पहुंचे गुरविंद्र के चाचा सोमदीप ने बताया कि उसका भाई अमृतपाल जर्मनी रहता है और कुछ दिन पहले रानियां आया था। उसकी रविवार रात को जर्मनी के लिए फ्लाइट थी। इसके लिए गुरविंद्र रविवार दिन में अपनी कार से अमृतपाल को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने गया था। कार में अमृतपाल और गुरविंद्र के अलावा सोमदीप के पास काम करने वाला मैनपाल और उसका साला महेंद्र भी था। मैनपाल और महेंद्र गाड़ी ड्राइविंग करने के लिए उनके साथ गए थे। गाड़ी की हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक रहा होगा। सारी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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मैनपाल चला रहा था कार
अस्पताल से रेफर होने से पहले पुलिस को दिए बयान में घायल महेंद्र ने बताया कि गाड़ी को मैनपाल चला रहा था और गुरविंद्र उसके साथ अगली सीट पर बैठा था। महेंद्र के अनुसार रात को तकरीबन सवा दो बजे गांव खाराखेड़ी के पास सड़क पर एक सुअर लेटा दिखा, मैनपाल ने उसको बचाते हुए कार को एक साइड से निकालना चाहा, लेकिन सामने से एक लावारिस सांड़ अचानक आ गया। इसके बाद उसकी कार असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। सदर एसएचओ रूपेश चौधरी ने बताया कि मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं और तीसरे घायल का इलाज अग्रोहा में चल रहा है। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल 174 की कार्यवाही की गई है।


मौत खींचकर ले गई दोनों युवकों को
मृतक गुरविंद्र के चाचा की मानें तो अमृतपाल को छोड़ने के लिए पहले घर के किसी अन्य सदस्य को जाना था लेकिन ऐन मौके पर अपनी पर्सनल गाड़ी में गुरविंद्र चला गया। उसे कार चलाने में परेशानी ना हो, इसलिए उसने अपने पास काम करने वाले मैनपाल को उसके साथ भेज दिया। इस पर मैनपाल ने अपने साले महेंद्र को भी साथ ले लिया क्योंकि वो पेशेवर ड्राइवर था। विडंबना देखिए, कि हादसे के समय ड्राइवर महेंद्र पिछली सीट पर बैठा था और आगे बैठे दोनों गुरविंद्र एवं मैनपाल की मौत हो गई।


गुरविंद्र था इकलौता बेटा, शादी करने की सोच रहा था परिवार
मृतक गुरविंद्र के पिता रानियां में खेतीबाड़ी का काम करते हैं और गुरविंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। गुरविंद्र का चाचा अमृतपाल इस बार देश आया तो घर पर गुरविंद्र की शादी की चर्चाएं शुरू हुईं। परिजनों की मानें तो गुरविंद्र की शादी करने के बारे में परिवार गंभीरता से विचार कर ही रहा था कि इससे पहले ही ये हादसा हो गया और जिस घर में खुशियां आने की राह ताक रही थीं, वहां मातम छा गया। वहीं मैनपाल के घर में भी कमाने वाला वो अकेला था। उसकी मौत के साथ परिवार पर भी मानों आसमान टूट पड़ा।
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लावारिस पशुओं के फेर में जा चुकी हैं 15 से ज्यादा जानें
लावारिस पशुओं की समस्या लगातार जिले में विकराल रूप लेती जा रही है। हालांकि मताना और विभिन्न गांवों में नंदीशाला के निर्माण से जिले में लावारिस पशुओं की समस्या कम जरूर हुई है लेकिन इसके बावजूद भी सड़कों पर से लावारिस सांड़ों की संख्या कम नहीं हो रही है। पिछले साल लावारिस पशुओं के चलते जिले भर में लगभग 15 लोगों से ज्यादा की मौत हुई थी। और इस साल भी अब तक तीन लोग लावारिस पशुओं के कारण हुई दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां चुके हैं।

 
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