मांगों को लेकर जाटों ने एक बार फिर सरकार को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर पांच जून तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे फिर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। रविवार को हिसार रोड स्थित जाट धर्मशाला में हुई जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबे सिंह ढाका ने यह बात कही। इस मौके पर जाट समुदाय के लोगों ने आरक्षण के दौरान पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे खारिज करने और जेलों में बंद लोगों को रिहा करने की मांग की।
सूबे सिंह ढाका ने कहा कि 10 मई को जंतर मंतर पर गृह मंत्री राजनाथ को दस मांगों की सूची सौंपी गई थी। जिसका समय उन्होंने पांच जून तक मांग कर जाट आरक्षण समिति की उपरोक्त मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। ढाका ने कहा कि अगर पांच जून तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे जिला फतेहाबाद के गांव ढाणी गोपाल के मैन चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
जाट आरक्षण समिति के वरिष्ठ नेता सतबीर सिंह गिल को प्रदेश सचिव, शमशेर सिंह ढिल्लों को जिला महघासचिव, रघुबीर सिवाच को युवा जिला महासचिव, सुरेश फौजी को युवा जिलाध्यक्ष, महेंद्र सिंह पूनिया को जिला सचिव, महाबीर गोदारा को जिला उपाध्यक्ष, अरुण सिहाग को युवा जिला उपाध्यक्ष, बलबीर सिंह दहिया को प्रदेश सचिव बनाने का फैसला लिया गया है।
उप तहसील को आग लगाने में शामिल छह लोग जेल में बंद
आरक्षण की आड़ में उपद्रव मचाने वाले गांव नहला व ढाणी सांचला के जाट समुदाय के छह युवाओं को भूना उप तहसील व गोरखपुर बैंक में आग लगाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा हुआ है। इनमें नहला के अनिल कुमार, ढाणी सांचला के बलवान सिंह लंबोरिया और उसके चार साथी करीब डेढ़ महीने से जेल में हैं।