अस्पतालों में बिगड़ते हालातों, मरीजों हो रही परेशानी, दवा काउंटर दवाई के लिए मचने वाली मारामारी, ओपीडी में आ रही दिक्कतों को सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया फैसला लिया है। कायाकल्प मिशन 2016-2017 के तहत अस्पतालों की दुर्दशा को सुधारा जाएगा। इस संबध में एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर की ओर से जिले के सभी सिविल सर्जन को निर्देश जारी किए गए हैं।
अस्पतालों की दशा को सुधारने के लिए बाकायदा गाइड लाइंस जारी की गई हैं, जिस पर चयनित अस्पतालों को खरा उतरना होगा। पीएचसी व सीएचसी तथा उप जिला अस्पतालों के निरीक्षण के लिए 30 मई तक कमेटी का गठन किया जाना है। कमेटी के निरीक्षण के बाद प्रथम आने वाले अस्पतालों को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो उप जिला अस्पताल, तीन सीएचसी व 10 पीएचसी को चयनित किया है। जिन्हें कायाकल्प के तहत नया रूप दिया जाएगा।
उप जिला अस्पताल
-टोहाना
-रतिया
सीएचसी
-भूना
-भट्टूकलां
-जाखल
पीएचसी
-नागपुर
-भिरड़ाना
-पिरथला
-पीलीमंदोरी
-बड़ोपल
-मामुपुर
-म्योंदकलां
-बनगांव
-नहला
-झलनियां
प्रथम आने वाले अस्पताल को मिलेगा नगद पुरस्कार
सीएचसी, उप जिला अस्पताल व पीएचसी को सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से बनाई गई जांच कमेटी निरीक्षण करेगी। कमेटी अस्पतालों में जाकर ओपीडी का ग्राफ, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, साफ-सफाई के अलावा मरीजों से भी सुविधाओं के बारे में पूछा जाएगा कि वह संतुष्ट है या नहीं। पूरी जांच के बाद एक-एक अस्पताल को प्रथम घोषित किया जाएगा। उपजिला व सीएचसी लेवल पर प्रथम आने वाले अस्पताल को दो लाख तथा पीएचसी स्तर पर प्रथम आने वाले अस्पताल को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। जिला अस्पताल का निरीक्षण प्रदेश स्तर पर होगा। अंतर जिला कमेटी के निरीक्षण के बाद प्रदेश स्तरीय कमेटी जांच करेगी। प्रदेश स्तर पर प्रथम आने वाले अस्पताल को पचास लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
तो जिला अस्पताल कैसे आ पाएगा प्रथम
फतेहाबाद का जिला अस्पताल 100 बेड का है, लेकिन यह अस्पताल 60 बेड के अस्पताल में चल रहा है। मरीजों के प्राइवेट कमरों पर डाक्टरों का कब्जा है। वार्ड में मरीज बुरी तरह से ठूंसे हुए हैं। कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं है। दवाई लेने के लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है। 12 बजे के बाद मरीजों को टेस्ट की सुविधा नहीं मिलती। अस्पताल में 20 से ज्यादा डाक्टरों के पद खाली हैं। ऐसे में फतेहाबाद का जिला अस्पताल प्रथम आने की श्रेणी में कैसे दावा कर सकता है।
कायाकल्प योजना के लिए पीएचसी, सीएचसी व उप जिला अस्पताल का चयन कर लिया गया है। जल्द ही कमेटी का भी गठन कर दिया जाएगा। प्रथम आने वाले अस्पताल को नगद राशि से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन, फतेहाबाद