शुक्रवार सायं साढ़े तीन बजे के आस पास अचानक आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे मंडी में किसानों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में किसानों ने प्लास्टिक की तिरपालों से खुले में रखे अपने अनाज को ढकने का काम शुरू कर दिया। राहत की बात यह रही कि बारिश महज पांच मिनट ही बंद हो गई।
लेकिन उन पांच मिनटों का खौफ मंडी में गेहूं की फसल लेकर बैठे किसानों के चेहरे पर आसानी से देखा जा सकता था। जिला प्रशासन की ढिलाई के चलते अभी भी डेढ़ लाख बोरियां मंडी और शहर के अन्य जगहों पर खुले आसमान के नीचे रखी गई हैं। उठान धीमा होने के कारण इन पर बारिश का संकट लगातार बना हुआ है। इसके अलावा किसानों द्वारा साफ करने के लिए मंडी में रखा गई गेहूं भी खतरे की जद से बाहर नहीं हैं।
9 लाख 73 हजार क्विंटल आवक, साढ़े पांच लाख क्विंटल उठान
मार्किट कमेटी के आंकड़ों की बात की जाए तो इस सीजन में अब तक 9 लाख 73 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। लेकिन उठान महज पांच लाख 53 हजार क्विंटल गेहूं का ही हो पाया है। इन आंकड़ों को ही आधार बनाया जाए तो तकरीबन चार लाख क्विंटल गेहूं अभी भी उठान का इंतजार कर रहा है। ऐसे में अगर उठान इसी तरह धीमेपन से चलता रहा तो मंडी में बैठे किसानों के लिए मौसम तलवार की तरह उनके सिर पर लटकता रहेगा। शुक्रवार को भी कुछ किसानों ने बारिश के बाद प्रशासन से मांग रखी कि उठान के काम में तेजी लाई जाए।
डीसी और एसडीएम ने अभी तक नहीं किया मंडी का दौरा
हर साल मंडी में गेहूं खरीद की शुरुआत में डीसी और एसडीएम मंडियों के लगातार दौरे करते रहे हैं। लेकिन इस बार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से गेहूं खरीद का शुभारंभ करवाने की जल्दी में व्यापार मंडल द्वारा डीसी और एसडीएम को न्यौता ही नहीं भेजा गया। गेहूं खरीद शुरू हुए एक हफ्ते से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अभी तक मंडी में डीसी और एसडीएम एक बार भी नहीं आए हैं।
मंडी में अब तक 9 लाख 73 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। बारिश से किसानों की फसल खराब ना हो, इसके लिए उठान में तेजी लाई जाएगी।
दिलावर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, फतेहाबाद