मंत्री जी, हमारा गांव सिधानी है जो हरियाणा पंजाब राज्य के बार्डर पर होने के कारण पिछड़ा हुआ है। हमारे गांव में कैंसर की बीमारी से 66 लोग मर चुके हैं। अब भी 14 लोग इस बीमारी से ग्रस्त होने के कारण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। हम पिछले दो सालों से यह मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन हमारी और कोई ध्यान नहीं दे रहा। यह कहना था अंबाला में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलने पहुंचे गांव सिधानी के ग्रामीणों का।
सिधानी के ग्रामीण शुक्रवार को गांव में बनी कैंसर की भयावह स्थिति के बारे में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अवगत कराने अंबाला स्थित उनके निवास पर मिले। गांव के सरपंच बिकर सिंह और सिधानी अगेंस्ट कैंसर की टीम में शामिल दर्जन भर युवाओं ने कैंसर के खिलाफ छेड़ी मुहिम के अगले पड़ाव में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर अपनी दास्तां सुनाई। सरपंच बिकर सिंह सहित टीम सदस्य गुरचरण सिंह, गुरप्रीत सिंह, अमित कुमार, धर्मवीर, गुरजंट, तरसेम, मक्खन, धर्मवीर इत्यादि ने स्वास्थ्य मंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा।
जमीनी हकीकत से कराया मंत्री को रूबरू
ग्रामीणों ने बताया कि जाखल के सिधानी गांव के हर तीसरे घर में कोई न कोई सदस्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। लेकिन पिछले दो सालों से गांव कैंसर से बुरी तरह ग्रस्त हो चुका है। गांव में जहां एक चार साल का मासूम जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित है। वहीं एक परिवार ऐसा भी है, जहां बड़े भाई की कैंसर से मौत के बाद शेष बचे दोनों भाइयों को भी कैंसर की जानलेवा बीमारी लग चुकी है। एक वृद्धा अपने दो बेटों को कैंसर की बीमारी से खो चुकी है। एक बेटा जहां पहले अपनी दादी को खो चुका था, वहीं उसके बाद कैंसर से उसके सिर से मां-बाप का भी हाथ उठ गया है। गांव में हालात अत्यंत नाजुक हैं। गांव में 136 लोग गंभीर बीमारी जैसे टीबी, लकवा, दिल में छेद और चमड़ी तथा पत्थरी के रोगों से ग्रस्त हैं।
क्या हैं बीमारियों के फैलने का कारण
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बीमारियों के फैलने का बड़ा कारण पीने के साफ पानी का उपलब्ध न होना है। गांव के गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। गंदा पानी यहां बने चार तालाबों में छोड़ा जा रहा है। प्रत्येक तालाब में एक रिचार्ज बोर लगा है। इससे गंदा पानी को वापस भूमिगत जल में भेजा जा रहा है तथा फिर वही पानी वापस जलघरों के माध्यम से पूरे गांव में सप्लाई हो रहा है। गांव के दोनों जलघर इन तालाबों के किनारों पर हैं। इन रिचार्ज ट्यूबवेलों से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारियों के फैलने का दूसरा बड़ा कारण गांव के पास से गुजर रही घग्घर नदी है। इसमें पंजाब व अन्य राज्यों की फैक्ट्रियों का कचरा और केमिकल की दूषित हवा से वातावरण प्रदूषित हो गया है। उन्होंने मांग की कि गांव को कैंसर मुक्त करवाने के लिए उचित कार्रवाई करें।
मंत्री ने दिया आश्वासन, जल्द करेंगे दौरा
स्वास्थ्य मंत्री विज ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे जल्द ही गांव का दौरा करेंगे। स्थिति पर विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्रवाई करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री विज द्वारा ध्यानपूर्वक सुनी गई समस्या और फौरी तौर पर एक्शन लेने के आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।