नेशनल हाइवे विभाग द्वारा बनाए जा रहे फोरलेन एवं बाइपास का काम एक बार फिर अधर में लटकता दिख रहा है। एडीसी कार्यालय से अवार्ड घोषित होने के दो माह बाद भी मुआवजा न मिलने से अधिग्रहीत की जमीनों के किसान एक बार फिर से भड़क गए। गुस्साए किसानों ने मुआवजा देने की मांग को लेकर फोरलेन का काम रुकवा दिया और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप था कि मुआवजे के लिए अवार्ड घोषित करते समय प्रशासन ने कोई मांग नहीं रखी थी लेकिन अब प्रशासन ये गारंटी मांग रहा है कि मुआवजा मिलने के बाद कोर्ट न जाने की लिखित आश्वासन दो।
किसानों का कहना है कि जब उन्होंने तीन माह तक लगातार धरना दिया था तो ऊपर से प्रेशर होने के कारण अफसरों ने उनकी सारी मांगों को मानते हुए जल्द अवार्ड घोषित करने और मुआवजा दिलवाने का वादा कर दिया। लेकिन बाद में अधिकारी अपनी बात से मुकर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जिला प्रशासन ने जल्द ही उनका मुआवजा जारी नहीं किया, तो वो फोरलेन और बाईपास का काम स्थायी रूप से रुकवा देंगे। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को मुआवजा न मिलने तक काम न करने की चेतावनी दी।