फतेहाबाद के गांव चनकोठी में विधायक लक्ष्मण नापा को ग्रामीण दौरे के दौरान किसान संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने एकजुट होकर विधायक के गांव में आगमन पर विरोध जताते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए और भाजपा सरकार और विधायक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हालांकि किसानों द्वारा विरोध करने की सूचना मिलने के चलते प्रशासन द्वारा सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश बिश्नोई भारी पुलिस बल लेकर पहुंचा।
जिस तरह से किसानों ने भाजपा के चुनावी कार्यक्रमों का विरोध करना शुरू कर दिया है उसके चलते सिरसा लोकसभा से भाजपा के उम्मीदवार के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है। क्योंकि किसान संगठनों ने दो दिन पूर्व भी बैठक कर रतिया में 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री आगमन का विरोध करने का निर्णय लेते हुए कहा था कि गांव में भी भाजपा के कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां हरियाणा के ब्लॉक अध्यक्ष गुरलाल सिंह ने कहा कि भाजपा की प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने किसानों के साथ वादा खिलाफी की है। हरियाणा प्रदेश में बाढ़ के कारण बहुत नुकसान हुआ। परंतु हरियाणा सरकार ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फसलों, बाढ़ के कारण घरों की मरम्मत और बाढ़ के कारण खराब हुए ट्यूबवेल की मरम्मत करने के लिए मुआवजा देने का वादा किया था।
परंतु मुआवजा मात्र 12 प्रतिशत किसानों को मुआवजा दिया गया तथा बाकी 88 प्रतिशत किसान पिछले 6 महीने से मुआवजे को तरस रहे हैं, वहीं 20 फरवरी को दिल्ली जा रहे किसानों पर बहुत ही बर्बरता पूर्व गोलियां मारी गई तथा यूपी में किसानों को कुचलने का काम करते हुए किसानों की हत्या की गई इसलिए वह किसानों के हत्यारे भाजपा के नेताओं को गांव में नहीं घुसने देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चुनाव के वक्त ही ग्रामीणों की याद आ रही है।