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Fatehabad News: धान खरीद और झराई विवाद पर टोहाना मंडी में किसानों का प्रदर्शन

Sun, 18 Oct 2026 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गेट बंद खडे किसान। संवाद
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टोहाना। झराई मजदूरों की हड़ताल के कारण टोहाना अनाज मंडी में धान खरीद का काम प्रभावित होने पर किसानों ने रविवार को एडिशनल मंडी का गेट बंद कर दिया। किसानों ने गेट पर ट्रालियां लगाकर प्रदर्शन किया और किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
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किसानों का आरोप है कि मंडी में धान के 1850 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहे हैं जबकि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2461 रुपये तय किया है।
झराई यूनियन के प्रधान रामफल ने बताया कि बाहर से बाजीगर समुदाय के लोग मंडी में प्रवेश कर झाड़ आदि उठा ले जाते हैं। इससे झराई का काम करने वाले मजदूरों को नुकसान होता है। इसी शिकायत पर मजदूरों ने हड़ताल की थी। झराई का काम बंद होने से मंडी में धान की खरीद प्रभावित हुई तो किसानों ने गेट बंद कर दिया।
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सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग, अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान रोशन लाल, शहर थाना पुलिस की टीम और लेबर मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान आश्वासन दिया गया कि बाहर से कोई व्यक्ति या महिला मंडी में प्रवेश नहीं करेगी। पुलिस ने गश्त बढ़ाने और मंडी गेट पर स्थायी कर्मचारी तैनात करने का भी भरोसा दिया। इसके बाद झराई यूनियन ने हड़ताल समाप्त कर दी।
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एक सप्ताह से मंडी में पड़ा है किसान का धान
किसान राजेश कुमार ने बताया कि उसका धान एक सप्ताह से मंडी में पड़ा है। उसके मॉइस्चर मीटर में नमी 12 से 17 प्रतिशत तक आ रही है। उसने वीडियो बनाकर अधिकारियों और मार्केट कमेटी सचिव को भी दिखाई लेकिन वेयरहाउस के अधिकारी मीटर को खराब बताकर तौल नहीं कर रहे हैं। किसानों ने मांग की कि मंडी में पड़ा पूरा धान 2461 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर खरीदा जाए और नमी मीटरों की जांच कराई जाए। किसान सतीश शर्मा ने कहा कि धान की खरीद में सात दिन से शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। किसानों ने आरोप लगाया कि कभी नमी तो कभी बारिश का पानी मिलने का हवाला देकर धान खरीदने से मना किया जा रहा है।
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मंडी में धान चोरी की शिकायतें भी मिल रही थीं। अब सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और गेट पर निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है।
- संदीप गर्ग, मार्केट कमेटी सचिव।

गेट बंद खडे किसान। संवाद

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