फतेहाबाद। एक बार फिर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। 2020 में किए किसान आंदोलन की तर्ज पर फिर से दिल्ली कूच करने की तैयारी में किसान जुट गए हैं। 13 फरवरी को 250 से ज्यादा किसान जत्थेबंदियां ट्रैक्टर लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
इसके ट्रेलर के तौर पर शुक्रवार को फतेहाबाद में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकाला। 310 ट्रैक्टरों पर सवार होकर 600 से अधिक किसान गांव अहरवां से गांव बनगांव तक पहुंचें। यहां पर किसानों की महापंचायत हुई, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े राष्ट्रीय किसान नेता भी पहुंचे। मोर्चे के नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल व जरनैल सिंह मलवाला ने किसानों से 13 फरवरी को दिल्ली पहुंचने के लिए प्रेरित किया।
वहीं स्टेट हाईवे स्थित गांव अहरवां से किसान ट्रैक्टर मार्च लेकर निकालते हुए अयाल्की, फतेहाबाद, भोड़ियाखेड़ा, मानावाली होते हुए गांव बनगांव पहुंचे। 310 ट्रैक्टरों के निकलने के कारण करीब आधे घंटे तक लालबत्ती चौक पर जाम लगा रहा। मार्च में 25 कारें, 15 बाइक भी शामिल रही। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बाकी तीनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोके रखी, ताकि किसानों के ट्रैक्टर निकाले जा सकें। ट्रैक्टरों के निकलने के बाद जाम खुला।
केंद्र सरकार की वादाखिलाफी से किसानों में रोष
भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के प्रदेशाध्यक्ष जरनैल सिंह मलवाला ने बताया कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर 2020 से शुरू किया गया किसान आंदोलन एक साल से ज्यादा दिन तक चला था। उस दौरान 700 से ज्यादा किसानों की जान चली गई। बाद में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कमेटी बनाने का वादा करके आंदोलन समाप्त करवाया था। मगर सरकार ने एमएसपी को लेकर अभी तक कोई संतोषजनक काम नहीं किया है। उस वादाखिलाफी और किसानों की अन्य मांगों को लेकर अब दोबारा दिल्ली कूच किया जा रहा है। 13 फरवरी को किसान दिल्ली की ओर रवाना होंगे।
बंद रहा हिसार और भट्टू रोड
किसानों का ट्रैक्टरों मार्च जब लालबत्ती चौक पर पहुंच गया तो पुलिसकर्मी हरकत में आए। मौके पर मौजूद किसान पहले ट्रैक्टरों को बनगांव की तरफ निकालने में लगे रहे। इसके चलते हिसार की तरफ से आ रही गाड़ियों का लंबा जाम लग गया। इसके अलावा भट्टू की तरफ एक किलोमीटर से ज्यादा लंबा जाम लगा रहा। शहर के थाना रोड की तरफ भी वाहन फंसे रहे। वाहनचालकों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस को इसको लेकर रूट तैयार करना चाहिए था ताकि वाहन जाम में न फंसे। मगर हर बार शहर में जब भी कोई शोभा यात्रा या मार्च निकलता है, तो ट्रैफिक पुलिस की कोई गंभीरता नजर नहीं आती है। एंबुलेंस भी फंस जाए तो खुद लोगों को ही रास्ता दिलवाना पड़ता है।
कोट
अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो इस बार किसान आंदोलन पहले से भी मजबूती से लड़ा जाएगा। दिल्ली में जंतर-मंतर या रामलीला मैदान में धरना लगाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार अगर कहीं रोकेगी तो वहीं पर धरना लगा दिया जाएगा।
-जगजीत सिंह दल्लेवाल, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक)
कोट
यह तो ट्रेलर था। शनिवार को हिसार के नारनौंद में किसानों की महापंचायत होगी। अगर अब किसानों की मांगों को सरकार ने अनसुना किया तो हरियाणा के गांवों में भाजपा की एंट्री बंद कर देंगे। बैरिकेड्स लगाकर किसानों को रोका गया तो बैरिकेड्स तोड़कर किसान आगे बढ़ेंगे।
-अभिमन्यु कुहाड़, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक )