फतेहाबाद। जिले में लगातार हो रही बारिश और मानसून की अनियमित गतिविधियों के चलते किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। अब तक 9715 एकड़ भूमि में फसलों को नुकसान की गिरदावरी की जा चुकी है, जबकि कई क्षेत्रों में नुकसान का आकलन अभी बाकी है।
राजस्व विभाग ने सेमग्रस्त क्षेत्र के 21 गांवों में फसलों के नुकसान की गिरदावरी शुरू कर दी है। टोहाना, जाखल, भूना और कुलां जैसे धान बाहुल्य क्षेत्रों में भी नुकसान का अनुमान है, जहां मौसम साफ होने के बाद सर्वे किया जाएगा।
जिले में इस वर्ष अब तक 380 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि औसत वार्षिक बारिश 373 एमएम होती है। जुलाई की पहली बारिश में ही सेम प्रभावित क्षेत्रों में फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी थीं। इनमें फतेहाबाद खंड के 7 और भट्टू खंड के 14 गांव शामिल हैं। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर मुआवजे के लिए अब तक 1756 किसानों ने आवेदन किया, जिनमें कुल 9715 एकड़ भूमि पर फसल खराब होने की सूचना दी गई है।
टोहाना, रतिया, जाखल और कुलां क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अनुमान है कि इन क्षेत्रों में लगभग 10 हजार एकड़ में फसलें प्रभावित हुई हैं। हुक्मावाली, हड़ौली, नागपुर खुनन, अलीकां, मढ़, कलौठां, बबनपुर, बादलगढ़, ब्रह्मवाला, लूठेरा, भीमेवाला और कुलां जैसे गांवों से भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।