फतेहाबाद। इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश होने के कारण किसान मौसम को लेकर चिंतित हैं। इसलिए किसानों ने धान कटाई शुरू कर दी है। किसानों को डर सता रहा है कि कहीं दोबारा बारिश के कारण और नुकसान न हो जाए। इसलिए ज्यादातर किसान कच्चा धान काटने में लगे हुए हैं। खेतों में अभी तक धान हरा खड़ा है। जैसे ही फसलों में पीलापन आना शुरू होता है, किसान धान में मशीन चला रहे हैं। इसके चलते मंडी में नमी वाला धान काफी ज्यादा आ रहा है।
बता दें कि रोजाना करीब ढाई हजार क्विंटल धान मंडी में आ रहा है। उसमें से मुश्किल से 500 से 700 क्विंटल धान की खरीद हो पाती है। वह भी तब बारी आती है, जब धान मंडी में दो या तीन दिन तक सुखा लिया जाता है। मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से हिदायत है कि धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। मगर किसान कटाई में उतावले हैं, जिसके चलते नमी की मात्रा 20 से 22 प्रतिशत तक दर्ज की जा रही है। खरीद एजेंसियों ने साफ कह दिया है कि वे ज्यादा नमी वाला धान नहीं खरीद सकते। इसलिए किसानों को भी दो या तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है। मंडी में करीब दस हजार क्विंटल धान इसी तरह फैला कर रखा हुआ है ताकि धूप व हवा लगने से नमी कम हो जाए।
इसलिए जल्दबाजी कर रहे किसान
इस बार फसलों को बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। धान की फसल लगभग 20 प्रतिशत व नरमा तथा कपास 80 प्रतिशत तक खराब हो चुके हैं। किसानों को डर है कि कहीं मौसम दोबारा बारिश वाला न हो जाए। अब यदि बारिश होती है तो किसानों को भारी नुकसान होगा। इसी के चलते किसान फसल कटाई में देरी नहीं करना चाहते। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फतेहाबाद में सामान्य बारिश 277 एमएम होनी चाहिए थी। मगर इस बार 522 एमएम बारिश हुई है जो सामान्य से 89 प्रतिशत ज्यादा है। फिलहाल चार दिन से मौसम सामान्य है। तेज धूप भी निकल रही है। उम्मीद है कि एक सप्ताह तक धान और ज्यादा पक जाएंगे।
12 अक्तूबर को बूंदाबांदी के आसार: खीचड़
मॉनसून वापस जा चुका है। अब 14 अक्तूबर तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। बीच-बीच में बादल हो सकते हैं। इस बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में 12 अक्तूबर रात को उत्तर पश्चिम क्षेत्र में बूंदाबांदी होने की संभावना है।
-डॉ. मदन लाल खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू, हिसार।
धान में नमी बहुत ज्यादा: सचिव
खरीद एजेंसियों के स्तर पर धान खरीद में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही। फिलहाल दिक्कत ये है कि धान कच्चा आ रहा है, जिसमें नमी की मात्रा ज्यादा है। किसानों से अपील है कि वे धान को सुखाकर लाएं।
-संजीव सचदेवा, मार्केट कमेटी सचिव, फतेहाबाद।