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Fatehabad News: बजट का नहीं घूमा पहिया, साइकिल से वंचित रह गए विद्यार्थी

Thu, 14 Mar 2024 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। शिक्षा का सत्र खत्म होने में 17 दिन शेष रह गए हैं लेकिन विभाग पात्र विद्यार्थियों को साइकिल नहीं दे पाया है। शिक्षा विभाग ने इस बार साइकिल मेला ही नहीं लगाया है। इसके चलते कक्षा छठी में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के विद्यार्थी साइकिल से वंचित रह गए हैं।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने निदेशालय से करीब चार माह पहले 17 लाख रुपये की डिमांड की थी लेकिन अभी तक बजट ही जारी नहीं किया गया। विभाग ने सिर्फ दो लाख रुपये का बजट ही निर्देशों के साथ जारी किया था। लेकिन खंड से जो डिमांड आई उसके अनुसार 589 विद्यार्थियों को साइकिल दी जानी है।
ऐसे में विभाग को इन विद्यार्थियों को साइकिल देने के लिए करीब 17 लाख रुपये का बजट चाहिए। बजट न होने के चलते जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने साइकिल मेला ही नहीं लगाया है। मेले में विद्यार्थी साइकिल पसंद करेंगे। इसके बाद राशि विद्यार्थी के खाते में दी जाएगी और वह अपनी पसंद की साइकिल खरीद सकेंगे।
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विभाग ने नहीं बढ़ाई साइकिल की राशि
शिक्षा विभाग ने इस बार भी साइकिल की राशि नहीं बढ़ाई है। विभाग 20 इंची साइकिल के 2800 रुपये और 22 इंची के 3000 रुपये देगा। अगर विद्यार्थी इस राशि से महंगी साइकिल पसंद करता है तो बाकी राशि खुद देनी होगी। जबकि बाजार में अच्छी क्वालिटी की साइकिल की कीमत 5 से 6 हजार रुपये है।

ये है साइकिल की डिमांड
खंड 20 इंची साइकिल 22 इंची साइकिल बजट की मांग
भट्टूकलां 3 4 20400
भूना 30 29 171000
फतेहाबाद 70 56 364000
टोहाना 60 49 315000
जाखल 28 27 159400
रतिया 109 124 677200
कुल 300 289 1707000

नियम बदले, गांव में स्कूल न होने पर ही मिलेगी साइकिल
शिक्षा विभाग के जारी हुए पत्र के मुताबिक साइकिल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगी जिनके गांव में मिडिल स्कूल नहीं है और उस गांव से मिडिल स्कूल की दूरी दो किलोमीटर या उससे अधिक है।

पहले खुद तैयार करवाकर देता था विभाग साइकिल
शिक्षा विभाग पहले खुद ही साइकिल तैयार करवाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाता था। लेकिन अब मेरी साइकिल मेरी पसंद योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत विभाग मेला लगाकर वेंडर बुलाता है और यहां पर प्रदर्शनी लगाई जाती है। इस प्रदर्शनी में छात्रों को साइकिल पसंद करनी होती है।

साइकिल मेले को लेकर निदेशालय से बजट की डिमांड की गई थी। बजट न आने के चलते साइकिल मेला नहीं लगाया गया। हालांकि जल्द मेला लगाने की योजना है ताकि विद्यार्थी अपनी साइकिल पसंद कर सकें।
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- वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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