भूना। हैफेड सहकारी समिति के कार्यालय पर सोमवार को खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। मगर मात्र 60 किसानों को ही पर्ची दी गई। इसके बाद जैसे ही कर्मचारियों ने खाद खत्म होने की बात कही बाकी किसान भड़क गए। उन्होंने खाद नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में इसकी सूचना समिति प्रबंधक कुलदीप बिसला ने थाना प्रभारी कुलदीप सिहाग को दी। उन्होंने पुलिस कर्मियों को मौके पर भेजा। पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहे किसानों को समझाया और लाइन लगवाकर खाद का वितरण कराया। महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों की अलग-अलग लाइन लगवाई गई। जिसके बाद 40 और किसानों को पर्ची दी गई। कुल 100 किसानों को 500 कट्टे खाद के वितरित किए गए। प्रदर्शनकारी किसानों ने समिति के सेल्समैन पर खाद वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
किसानों का आरोप, शनिवार को आए थे एक हजार बैग
किसान विजेंद्र दहिया, राजबीर सिंह, गुरचरण सिंह, रमेश कुमार, जरनैल सिंह, राजकुमार, राजेंद्र सिंह, हवा सिंह, बलवीर सिंह आदि का आरोप है कि शनिवार को समिति में एक हजार बैग डीएपी खाद आई थी। मगर शनिवार को सेल्समैन ने नाममात्र किसानों को ही खाद दी थी और सोमवार को वितरण करने के लिए बुलाया गया। किसानों का आरोप है कि रविवार को गलत तरीके से अपने चहेते लोगों के आधार कार्ड मशीन में चढ़ाकर पर्चियां काट दी। इसके चलते सोमवार को लाइनों में लगे मात्र 60 लोगों को ही खाद की पर्चियां देकर खाद खत्म होने का हवाला दे दिया गया। किसानों का आरोप है कि एक किसान को पांच बैग दिए गए थे। सहकारी समिति में बड़े स्तर पर गड़बड़ी चल रही। उच्चाधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।
पारदर्शिता के साथ हुआ खाद का वितरण: सेल्समेन
शनिवार को डीएपी खाद आई थी, उन्होंने 500 बैग उसी दिन बांट दिए थे। रविवार को छुट्टी थी और सोमवार को भारी संख्या में किसान समिति कार्यालय पहुंच गए। पारदर्शिता के साथ बिना भेदभाव के 500 बैग सोमवार को डीएपी बेची गई। मगर कुछ किसानों को खाद नहीं मिली, जो आरोप लगा रहे हैं, वह निराधार व झूठे हैं।
राजेश कुमार, सेल्समैन, सहकारी समिति हैफेड