जेल से बाहरआया किसान मक्खन सिंह।
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किसानों और प्रशासन के बीच बने तालमेल के बाद हुए मंगलवार को किसान नेता मक्खन सिंह को जमानत मिल गई। इसकी पुष्टि जमानती और किसान नेता रमेश डांगरा ने दी। रमेश ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सदर थाना में जो तीन दिन से धरना चल रहा था उसके चलते विधायक व प्रशासन पर दबाव बना तो विधायक ने किसानों से माफी मांग ली तथा उसके बाद विधायक ने दर्ज करवाए दोनों केसों को वापस लेने के लिए एफिडेविट भी दे दिया।
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा किसान नेता विकास सिंसर व रवि आजाद के खिलाफ केस दर्ज करके उसे हिसार जेल भेज दिया था लेकिन प्रशासन ने धरने के दबाव के चलते उन्हें भी रिहा करवा दिया है। रमेश ने बताया कि विधायक के निजी सचिव के बयान पर दर्ज हुए मुकदमे में किसान नेता मक्खन सिंह फतेहपुरी को गिरफ्तार किया गया था जिसको आज कोर्ट से जमानत मिल गई है।
उन्होंने बताया कि किसान मोर्चा ने सोमवार को धरना समाप्त कर दिया था। उन्हें विश्वास था कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जमानत मिल जाएगी लेकिन जब मक्खन सिंह को सोमवार को जमानत नहीं मिली तो प्रशासन की कार्रवाई पर आशंका पैदा हुई और किसान नेता गुरनाम सिंह यहां दोबारा आ गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मक्खन सिंह को जमानत मिल गई है। अब सभी किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे तथा तीन कृषि करने के विरोध में अपनी आवाज को बुलंद करेंगे।
अधिवक्ता मुकेश मान पातड़ ने बताया कि सोमवार को न्यायालय ने इस मसले को लेकर स्टेट से जवाब मांगा था, जिसे मंगलवार को दाखिल करने के बाद किसान को जमानत मिल गई है। अब रिलीज ऑर्डर फैक्स के माध्यम से भेज दिया गया है।
किसान नेता जोगिंदर घासीराम नैन ने बताया कि तीसरे किसान मक्खन सिंह फतेहपुरी को जमानत मिल गई है जिसके बाद यह किसानों की सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने बताया कि इससे दिल्ली के आंदोलन को मजबूती मिलेगी तथा वे किसानों से अपील करते हैं कि कोई भी किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में भाग ले। इस बारे में जिला उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने बताया कि मक्खन सिंह को जमानत मिल गई है। वह फिलहाल जेल से बाहर आ गया है।