फतेहाबाद। वन क्षेत्र घटने के कारण व वन्य जीवों का लगातार हो रहा शिकार सभी के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा खेतों में अंधाधुंध प्रयोग किए जा रहे कीटनाशकों के कारण भी वन्य जीव लुप्त होते जा रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या है इन वन्य जीवों को उनका वास्तविक आवास उपलब्ध करवाना, जिस कारण वन्य जीव शहरों व गांवों की ओर रुख कर जाते हैं। इनको आश्रम देना अति आवश्यक है। शहर के लोगों ने जनमंच के माध्यम से अपने विचार साझा किए हैं।
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फतेहाबाद की बिश्नोई बेल्ट में सबसे अधिक वन्य जीव मिलते हैं। ढाणी माजरा में राष्ट्रीय पशु मोर का बसेरा है तो बड़ोपल क्षेत्र में काला हिरण मिलते हैं। इनका लगातार शिकार भी होता रहता है। हिंसक कुत्तों की वजह से भी इनकी जान को खतरा बना रहता है। इन जीवों की रक्षा के लिए सरकार को वन्य प्राणी विभाग में अधिक से अधिक सुरक्षा गार्ड भर्ती करने चाहिए और उनको प्राकृतिक आवास देने के प्रयास करने चाहिए। बड़ोपल में इन वन्य प्राणियों के लिए प्राकृतिक आवास के लिए घास उगाने का हाल ही में टेंडर लगा है।
- विनोद कड़वासरा, अध्यक्ष पीपुल्स फॉर इंडिया, फतेहाबाद
वन्य प्राणी हमारी धरोहर की तरह हैं। आज इनका प्राकृतिक आवास छीना जा रहा है और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। वन क्षेत्र कटने से हिंसक पशु भी शहरों व गांवों में आ जाते हैं। 2 साल पहले गांव कुकड़ावाली में तेंदुआ घुस आया था। इसके अलावा वन्य प्राणियों के शिकार भी लगातार हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि शिकार रोकने के लिए वहां पर सुरक्षा की व्यवस्था की जाए और वन्य प्राणियों के लिए वन क्षेत्र भी बढ़ाया जाए।
- इंद्र कड़वासरा, शिक्षक गांव बड़ोपल
वनाें की लगातार कटाई हो रही है और वन्य प्राणियों का आवासीय दायरा कम होता जा रहा है। वन कटने से वन्य प्राणी सीमित क्षेत्र तक होकर रह गए हैं। सरकार को चाहिए कि वन क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाए और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए उनको प्राकृतिक माहौल दिया जाए।
- मुकेश स्वामी नगर फतेहाबाद।
वन्य प्राणियों का अगर लगातार शिकार होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब हमारी नई पीढ़ी केवल किताबों व कहानियों में उनके बारे में सुनेगी। सरकार वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करे।
- संदीप, गांव मानावाली।