फतेहाबाद। वाहन चलाते हुए ट्रैफिक नियमों को लेकर फतेहाबाद जिला में हर दिन करीब 110 लोग रोजाना रिपोर्ट हो रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने हालांकि इन वाहन चालकों के चलान भी किए लेकिन चालान पर चालान करने से भी बात बनती नजर नहीं आ रही। इस वर्ष के लेखा-जोखा में वाहन चालकों का लापरवाही के आंकड़ों की बात करें तो पुलिस विभाग के रिकार्ड के अनुसार जनवरी 2021 से 15 दिसंबर 2021 तक कुल 38 हजार 251 वाहन चालकों ने ट्रैफिक नियम तोड़े और इनका चालान किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की मानें तो इसमें अधिकतर चालान हेलमेट नहीं पहनने और ओवर स्पीड को लेकर किए गए हैं। इसके पीछे कारण ये है कि घर से निकलते वक्त ज्यादातर लोग कम दूरी या शहर में ही कहीं आसपास जाने को लेकर जहां हेलमेट नहीं लगाने की लापरवाही बरतते हैं वहीं दूसरी तरफ सड़क पर चलते हुए स्पीड लिमिट का भी ध्यान चालक नहीं रखते। ऐसे में वाहन चालक हादसे का शिकार पर भी हेलमेट नहीं पहनने और ओवर स्पीड के कारण होते हैं।
समय-समय पर जागरूकता अभियान से भी सबक नहीं
ऐसा भी नहीं है कि पुलिस विभाग की ओर से वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की पालना को लेकर केवल चालान करने पर फोकस करती है। पुलिस विभाग की ओर से समय-समय पर रोड सेफ्टी के कार्यक्रम चलाकर वाहन चालकों को जागरूक करने का कार्यक्रम चलाया जाता है, लेकिन वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी स्वयं समझने में कोताही बरतते हैं।
फतेहाबाद शहर में एक मात्र लालबत्ती चौक, फिर भी जल्दबाजी
शहर फतेहाबाद में केवल मात्र एक लालबत्ती चौक है, लेकिन फिर भी वाहन चालक इस चौक पर इस तरह जल्दी में दिखाई देते हैं जैसे आगे कई और लालबत्ती चौक पर क्रॉसिंग में वे लेट हो जाएंगे। वहीं लालबत्ती चौक पर पिछले कुछ समय से ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को जेब्रा लाइन का महत्व समझाने में जुटी है जबकि ये जेब्रा लाइन के बारे में आमतौर पर प्राइमरी कक्षाओं से ही इनका महत्व और उपयोग पढ़ाया व समझाया जाता है।
नाबालिगों की भी दिख रही लापरवाही
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आजकल नाबालिग वाहन चालकों से भी सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। बाइक, स्कूटी जैसे छोटे वाहन लेकर जहां नाबालिग शहर की सड़कों पर घूमते हैं और वाहन संचालन का पूरा ज्ञान नहीं होने से दूसरे वाहन चालकों के साथ-साथ अपनी जान खतरे में डालते हैं। पुलिस ने नाबालिग वाहन चालकों और उनके अभिभावकों पर सख्ती की है लेकिन अभिभावकों को खुद अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी कि वे कानूनी और वाहन चलाने में पूरी तरह से सक्षम ना हों तब तक अपने बच्चों को वाहन सड़क पर न ले जाने दें।
कोट
पुलिस का काम ट्रैफिक नियमों की पालना करवाना और ट्रैफिक नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। अपने दोनों ही कार्य पुलिस विभाग की ओर से पूरी गंभीरता से किए जाते हैं। ट्रैफिक नियमों की पालना करके ही सड़क पर सभी लोग सुरक्षित चल सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि हर नागरिक स्वयं जिम्मेदार बनकर ट्रैफिक नियमों की पालना करे। पुलिस चालान करके सख्ती भी करती है और ट्रैफिक नियम समझाने के लिए अभियान भी चलाती है।
सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।