संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शहर में पिछले दस दिनों से चल रहा गणेश उत्सव शनिवार को गणपति की मूर्तियों के विसर्जन के साथ संपन्न हो गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थापित करीब 32 गणेश मूर्तियों को नहरों और अन्य जगहों पर विसर्जित कर भक्तों ने उत्साह और भावुकता के साथ विदा किया।
इस अवसर पर लोगों ने गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयघोषों के साथ बप्पा को विदाई दी। पूरे शहर में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े उल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह पंडाल सजाए गए थे, जहां दस दिनों तक सुबह-शाम आरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण होता रहा, जिससे माहौल भक्तिमय बना रहा।
सभी आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर युवाओं और बच्चों ने उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विसर्जन के दिन सुबह से ही पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। शोभायात्रा धर्मशाला रोड, थाना रोड, जवाहर चौक, संन्यास आश्रम रोड और लाल बत्ती चौक से होती हुई आगे बढ़ी, जिसमें श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ झूमते और नाचते नजर आए। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की मूर्ति के विसर्जन से पूर्व की अंतिम आरती में भाग ले आशीर्वाद लिया।
-
बड़ोपल और भोड़िया खेड़ा नहर में हुआ विसर्जन
प्रशासन ने भगवान गणेश की मूर्ति के विसर्जन के लिए नहरों पर विशेष इंतजाम किए थे। प्रतिमाओं को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, सजे-धजे वाहनों और झांकियों में लेकर मुख्य विसर्जन स्थलों बड़ोपल और भोड़िया खेड़ा की नहरों तक ले जाया गया। वहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और जयघोषों से आसमान गूंज उठा।
-
रात को लगाई चौकी सुबह किया गया विसर्जन
संन्यास आश्रम मंदिर में विनायका ग्रुप की ओर से आयोजित गणेश उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा। विसर्जन से एक रात पूर्व भजन-चौकी में भक्तों ने पूरी रात गणेश भक्ति में बिताई। संस्था के प्रधान दिपांशु जग्गा और पीयूष नारंग ने बताया कि पिछले 9 वर्षों से यहां भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना की जा रही है। पिछले 10 दिनों तक सुबह-शाम आरती और सत्संग होता रहा। शनिवार को विसर्जन के दिन लंगर का आयोजन भी किया गया।
शहर में विसर्जन के लिए गणेश जी की प्रतिमा को लेकर जाते हुए श्रद्धालु। संवाद