फतेहाबाद। भूना कचरा प्रबंधन प्लांट में लगातार देरी से आजिज नगर परिषद प्रशासन ने कचरा निस्तारण का नया तरीका ढूंढ निकाला है। नगर परिषद प्रशासन अब बीघड़ रोड पर बने अपने डंपिंग यार्ड में पड़े हजारों टन कचरे से कंपोस्ट खाद बनाएगा। इसके लिए नप प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और सोमवार से इस दिशा में कामकाज शुरू भी हो सकता है। स्वच्छ भारत मिशन के इंचार्ज कुमार सौरभ की मानें तो इस तरह तैयार होने वाली कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल नगर परिषद के पार्कों में ही किया जाएगा। सोमवार को जिला प्रशासन के आला अधिकारी इस प्रोजेक्ट का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा स्लाटर हाउस की बिल्डिंग को भी डपिंग यार्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इस बिल्डिंग के एक हिस्से में पड़े कचरे को कूड़ा बीनने वाले व सफाईकर्मी अलग-अलग करेंगे और इसके बाद कंपोस्ट खाद के लिए कचरा दूसरे हिस्से में भेजा जाएगा।
50 कंपोस्ट पिट बनाने का काम पूरा, प्रोजेक्ट पर 24 लाख होंगे खर्च
डंपिंग यार्ड में पड़े कचरे को अभी तक जलाकर निस्तारण किया जाता था, लेकिन एनजीटी नियमों के खिलाफ जाने से बचने के लिए नप प्रशासन ने इसी कचरे का निस्तारण करने के लिए इस विशेष प्रोजेक्ट का सहारा लिया है। इसके लिए डंपिंग यार्ड की जगह पड़े कचरे को जेसीबी की मदद से साफ कर दिया गया है। इसके अलावा यहां पर 50 कंपोस्ट पिट बनाए गए हैं। ये गड्ढे जमीन में करने की बजाए नगर परिषद प्रशासन ने इसके लिए चार फीट ऊंची चहारदीवारी बनाई हैं और उसे ऊपर से खुला रखा गया है। इन्हीं चारदीवारी में कचरा एकत्रित होगा और लगभग 45 दिनों के अंतराल में कंपोस्ट खाद की पहली खेप मिल सकेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 24 लाख रुपये की लागत आएगी।
भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के निर्माण तक यही रहेगा विकल्प
नगर परिषद अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार भूना कचरा प्रबंधन प्लांट ही कचरा निस्तारण के लिए सबसे बड़ी उम्मीद है, लेकिन पिछले चार साल से ये मामला लगातार लटकता आ रहा है। इसके विकल्प के रूप में ही नप प्रशासन ने अब डंपिंग यार्ड में ही कंपोस्ट खाद का प्रोजेक्ट तैयार किया है। चूंकि भूना कचरा प्रबंधन प्लांट के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं और अक्तूबर में टेंडर आबंटित कर दिया जाएगा। लेकिन काम शुरू होने के बाद भी इसे पूरा होने में एक साल से अधिक का समय लग सकता है। ऐसे में तब तक डंपिंग यार्ड में ही कंपोस्ट खाद बनाने का प्रोजेक्ट बनाया गया।
फिलहाल पार्कों में होगा कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल, ज्यादा मात्रा में बनी तो बेचने पर भी विचार संभव
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो डपिंग यार्ड में बनने वाली कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल शहर की सीमा में आने वाले पार्कों में किया जाएगा। अगर कंपोस्ट खाद की मात्रा अच्छी खासी होती है तो इसे किसानों को बेचने का विकल्प भी खुला रखा गया है। हालांकि इसके लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार लगभग पचास कंपोस्ट पिट में खाद बनाने का काम होगा, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इससे अच्छी खासी खाद की मात्रा नप प्रशासन के पास उपलब्ध हो जाएगी।
वर्जन
कचरा प्रबंधन प्लांट का काम पूरा होने में साल-डेढ़ साल तक लग सकता है। तब तक कचरे का निस्तारण करने के लिए डंपिंग यार्ड में ही कंपोस्ट खाद बनाने का प्रोजेक्ट लगाया गया है। इसपर 24 लाख की लागत आएगी। इसके लिए कंपोस्ट पिट तैयार कर दिए गए हैं। उम्मीद है कि 45 दिन के बाद कंपोस्ट खाद की पहली खेप मिल सकेगी। सोमवार से इस बारे में काम औपचारिक रूप से शुरू किया जाना है।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद।