फतेहाबाद। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर दिखने लगा है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो गई है जिसके चलते बाजार में रोजमर्रा के घरेलू सामानों की कीमतों में तेजी आ गई है। ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़े में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है जिससे आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ने के आसार हैं।
शहर के व्यापारी जगजीत सिंह ने बताया कि ईंधन महंगा होने का सबसे अधिक असर रसोई के बजट पर पड़ा है। कंपनियां पीछे से ही माल महंगा भेज रही हैं, जिससे दुकानदारों को भी दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। बाजार में घी और खाद्य तेलों की कीमतों में अचानक तेजी आई है। दो सप्ताह में घी के भाव में प्रति लीटर 10 रुपये तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का मानना है कि अगर तेल के दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दुकानदार अमित, पवन और मांगेराम ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने के कारण थोक और खुदरा बाजार में दालों, सोयाबीन और मसालों के दामों में भी तेजी आई है। बाहरी राज्यों और बड़े शहरों से आने वाले माल का भाड़ा 10% तक बढ़ गया है। माल ढुलाई पर अतिरिक्त खर्च आने से दालों और मसालों की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है।
शहरवासी विनोद, हरदीप और सुरेंद्र का कहना है कि एक तरफ पहले से ही जरूरी चीजों के दाम ऊंचे थे वहीं अब ट्रांसपोर्ट महंगा होने से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। आम जनता का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतों पर जल्द ही नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में हरी सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।