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मंत्री और एसपी के सामने डीएसपी बोले, गांव में बिक रहा नशा

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फतेहाबाद। आखिरकार दो साल दो महीने बाद बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने जिला पंचायत संसाधन केंद्र में लोक संपर्क एवं जनपरिवाद समिति की बैठक ली। बैठक में 19 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें से 13 मामलों को निपटा दिया गया जबकि छह मामले अगली बैठक के लिए लंबित रखे गए। बैठक में एक बार फिर जिले में नशे पर अंकुश लगाने के पुलिस के दावे फेल नजर आए। खुद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने ही नशा रोकने के दावों की पोल खोल दी। टोहाना के गांव चुहड़पुर के शिकायतकर्ता की बात पर डीएसपी शुक्रपाल ने मंत्री व एसपी के सामने ही माना कि गांव में नशा बिकता है। शिकायतकर्ता से लेकर डीएसपी तक के मुंह से नशा बिकने की बात सुनकर एसपी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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दो साल दो महीने बाद हुई बैठक, न्याय के इंतजार में दो शिकायतकर्ता चल बसे
समिति की बैठक दो साल दो महीने बाद हुई। ऐसे में कई मामलों में लीपापोती हो गई। दो शिकायतकर्ता तो न्याय के इंतजार में स्वर्ग ही सिधार गए। उनकी शिकायत को बैठक में फिर से रखा गया तो बिजली मंत्री को जानकारी दी गई कि शिकायतकर्ता का निधन हो गया है। इसके बाद उनकी शिकायत को निपटारे वाली लाइन में डाल दिया गया।
हंस मार्केट का जिक्र आते ही विधायक बोले, हो गया-हो गया
बैठक में हंस मार्केट के अतिक्रमण संबंधी सात नंबर शिकायत रखी गई। जैसे ही मामला रखा गया तो विधायक दुड़ाराम तुरंत बोल पड़े कि ये भी हो गया हो गया और इस तरह मामला निपटा दिया गया। बाद में मीडिया में विधायक ने कहा कि हंस मार्केट के दुकानदार व रेहड़ीचालक दोनों ही अपने हैं। मिल-बैठकर मामला सुलझा दिया गया था।
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बैंकों में नहीं होती सुनवाई, बुरा हाल कर रखा
बैठक में बैंकों को लेकर विधायकों व आम लोगों ने नाराजगी जाहिर की। विधायक दुड़ाराम ने तो भट्टू के एक बैंक का हवाला देते हुए यहां तक कह दिया कि बैंकों में कोई सुनवाई नहीं होती है, बुरा हाल कर रखा है। इसके बाद मंत्री ने बैंक प्रबंधक को रजिस्टर लगाने के आदेश दिए और डीसी को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी लगाने के लिए कहा।
जनस्वास्थ्य अधिकारियों से बोले आपकी बहुत शिकायत आ रही
बैठक में मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि आप लोगों की बहुत शिकायतें आ रही हैं। एक्सईएन से उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी सीजन में पेयजल आपूर्ति सुचारु रखी जाए। अगर पानी को लेकर कोई शिकायत आई तो उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई कर देंगे।
विधायक बोले- डॉक्टर को सस्पेंड करो, डीसी ने किया बचाव
बैठक में भूना निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत की कि उन्हें काला पीलिया था। 16 जनवरी को तबीयत खराब होने पर 102 नंबर पर कॉल करके भूना के सरकारी अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर दाखिल हुए थे। उनका आरोप था कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनका सही इलाज नहीं किया और न ही रेफर किया। इस पर विधायक दुड़ाराम ने मंत्री से कहा कि डॉक्टर को सस्पेंड करो। मगर डीसी प्रदीप कुमार ने बचाव करते हुए अंडर-सेवन रूल के तहत कार्रवाई करने का सुझाव दिया।
उपेक्षा हुई तो बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए समिति सदस्य
बैठक में समिति के सदस्यों की काफी उपेक्षा हुई। दो सदस्यों ने बोलना चाहा तो उनकी बात को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। इस कारण अधिकतर सदस्य बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। बाद में कुछ सदस्यों ने कहा कि उनकी बैठक में बैठे रहने की जरूरत महसूस नहीं हुई, इसलिए वहां से चले आए। बैठक में फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, रमेश मेहता, प्रवीण जोड़ा, रामराज मेहता, राजपाल बैनीवाल के अलावा सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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