फतेहाबाद। केंद्र सरकार की ड्रोन दीदी योजना जिले में किसानों और महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और खेती में तकनीकी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जिले के किसान अब ड्रोन से कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की ओर अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत जिले में अब तक 7 ड्रोन महिलाओं को वितरित किए जा चुके हैं। प्रशिक्षित महिलाएं इन ड्रोन का उपयोग खेतों में छिड़काव के लिए कर रही हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 42 किसानों ने पंजीकरण करवाया है, जिनके खेतों में कुल 300 से अधिक एकड़ भूमि शामिल है।
समय की बचत और बेहतर परिणाम
जिले में रोजाना लगभग 100 एकड़ भूमि पर ड्रोन से छिड़काव किया जा रहा है। ड्रोन दीदी सीमा धायल ने बताया कि एक अकेली ड्रोन दीदी प्रतिदिन लगभग 15 एकड़ क्षेत्र कवर कर रही हैं और अब तक कुल 400 एकड़ से अधिक भूमि पर छिड़काव कर चुकी हैं। अगले 20 दिनों तक यह कार्य जारी रहेगा।
किसानों को फायदा
किसान रामनिवास, चांदीराम और पवन ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव करने पर कीटनाशक समान रूप से फैलता है, जिससे बर्बादी कम होती है। घंटों का काम अब मिनटों में पूरा हो जाता है और किसानों को जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क में नहीं आना पड़ता। इससे सुरक्षा बढ़ती है और गन्ना-बाजरा जैसी ऊंची फसलों पर भी आसानी से छिड़काव किया जा सकता है।
अनुदान ने बढ़ाई किसानों की रुचि
कृषि व कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक रमनजीत ने बताया कि सरकार की ओर से ड्रोन पर अनुदान की स्कीम आने के बाद किसानों का रुझान और बढ़ा है। पहले जो किसान पारंपरिक मशीनों पर निर्भर थे, अब वे ड्रोन सर्विस बुक करवा रहे हैं। इससे ड्रोन दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं को सीधा रोजगार मिल रहा है और वे अच्छा मुनाफा कमा रही हैं।
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पिछले दो वर्षों से ड्रोन का उपयोग बढ़ा है और अब किसानों द्वारा खतरनाक दवाओं का छिड़काव सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। - डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।