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Fatehabad News: ड्रोन दीदी भर रहीं सफलता की उड़ान, सात महिलाओं को मिला रोजगार

Fri, 05 Dec 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव भूथन कलां में ड्रोन उड़ाती ड्रोन सखी सीमा। स्रोत:स्वयं
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फतेहाबाद। केंद्र सरकार की ड्रोन दीदी योजना के तहत जिले की सात महिलाएं ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनी हैं। एक ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सातों महिलाओं ने ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण पूरा किया है। अब वे खेतों में कृषि सेवाओं के माध्यम से अपना रोजगार चला रही हैं।
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राष्ट्रीय आजीविका ग्रामीण मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सातों महिलाओं को सरकार-प्रायोजित उर्वरक कंपनियों की तरफ से आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। ये ड्रोन खेतों में कीटनाशकों और तरल उर्वरकों के छिड़काव के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, जिससे किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत होती है।

महिलाओं को ड्रोन संचालन की 15 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग दी गई, जिसमें सुरक्षा मानकों, मशीन संचालन, उड़ान नियम और तकनीकी दक्षता के बारे में बताया गया है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हुई हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र में नई भूमिका निभा रही हैं। इन ड्रोन सखियों की खेतों में सेवाएं शुरू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में इनकी मांग बढ़ी है। अब प्रत्येक महिला को हर माह लगभग 15 हजार रुपये तक की आय होने लगी है। महिलाओं ने बताया कि यह पहल आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम बनी है।
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खेतों में शुरू किया छिड़काव का काम



ड्रोन मिलने के बाद, स्वयं सहायता समूह की महिला सीमा, सुनीता, नीलम और सुनीता आदि ने तुरंत अपना रोजगार शुरू कर दिया है। महिलाएं किसानों के खेतों में जाकर ड्रोन की मदद से दवाइयों व खाद का छिड़काव कर रही हैं। पारंपरिक छिड़काव की तुलना में ड्रोन से कम समय में और अधिक कुशलता से काम होता है। इससे किसानों का समय और लागत दोनों बचती है। उनकी अच्छी कमाई भी हो रही है। इससे उनकी पारिवारिक आय में भी बढ़ोतरी हुई है।





स्वयं सहायता समूह की ड्रोन सखी बनीं सीमा निवासी भूथन कलां ने बताया, पहले घर खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे खुद ड्रोन उड़ाकर घर का खर्च आसानी से निकाल पा रहे हैं। यह काम सम्मानजनक भी है और अच्छी आय भी देता है। सरकार की ओर से यह एक सराहनीय कदम हैं।

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ड्रोन सखी योजना से महिलाएं जीवन से निकलकर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके उद्यमशीलता की ओर बढ़ रही हैं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग ग्रामीण में बदलाव ला रहा है। इससे जिले की सात महिलाएं योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं।
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-सतबीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
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