भूना। राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को मिशन बुनियाद कार्यक्रम का खंडस्तरीय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त डॉ. विवेक भारती रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आईएएस बनने के मार्ग, सफलता के मंत्र और जीवन में अनुशासन के महत्व पर गहन चर्चा की।
भूना खंड के कई स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और प्रेरक सत्र का लाभ उठाया। डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि सफलता का पहला कदम लक्ष्य तय करना है। उन्होंने कहा सबसे पहले अपना गोल सेट करो। फिर उस गोल को पाने के लिए लगातार मेहनत करो। जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाये, तब तक मेहनत जारी रखो।
उन्होंने कहा कि मार्क्स से किसी भी बच्चे की योग्यता का आकलन नहीं किया जा सकता। मार्क्स कम हो सकते हैं, लेकिन कल आप बहुत सफल हो सकते हैं। असल सफलता वही है जिसमें आप अपने काम से संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी बनकर भी अपने काम को जिम्मेदारी से नहीं निभाता, तो वह असफल है। कार्यक्रम में डीईओ संगीता बिश्नोई, जगदीश सेवदा, बीईओ निर्मला सिहाग, प्रिंसिपल नरेश शर्मा, तेजभान सिंह, प्रहलाद सिंह मालविया, सुरेश बूरा आदि मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों ने पूछा, आप आईएएस ही क्यों बने
एक छात्र ने सवाल किया कि आपने आईएएस ही क्यों चुना, इस पर डीसी ने बताया कि उनके पिता उन्हें अलग-अलग ऑफिसर्स से मिलवाते थे, जिनमें कई आईएएस भी होते थे। वहीं से उनके मन में आईएएस बनने की इच्छा जागी। उन्होंने कहा कि पहले प्रयास में यूपीएससी क्लियर नहीं हुआ, लेकिन हार नहीं मानी। लगातार मेहनत की और आखिरकार आईएएस बनकर देश और समाज की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पूरी पढ़ाई हिंदी माध्यम से हुई।
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मोबाइल फोन की लत कैसे छोड़े
छात्र सिद्धांत ने पूछा- मोबाइल फोन की आदत कैसे छोड़ें। जिसका जवाब देते हुए डीसी ने कहा सबसे पहले खुद को समझाओ। दो-चार घंटे मोबाइल साइड में रख दो, खुद को डिटॉक्स करो। सेल्फ काउंसिलिंग ही सबसे बड़ा उपाय है। सोशल मीडिया से दूर रहे और न्यूज पेपर को प्रतिदिन पढ़ने की आदत डालें।
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अखबार पढ़कर जानकारी बढ़ाएं
डीसी ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक की एक बात या डांट बच्चा जिंदगी भर याद रखता है। उन्होंने कहा टीचर को सबसे ज्यादा इज्जत मिलती है, क्योंकि वह भविष्य को गढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सफल लोगों की बायोग्राफी पढ़ें, अखबारों से जानकारी बढ़ाएं, कंप्यूटर जरूर सीखें और अपने समय का अनुशासित उपयोग करें।