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फतेहाबाद: बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के डिपो से बाहर नहीं जा सकेंगे चालक

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फतेहाबाद के बस स्टैंड से बाहर जाती बस।
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फतेहाबाद। शहर के बस स्टैंड की वर्कशॉप से अब कोई भी बस चालक बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के बसों को बाहर नहीं ले जा सकेगा। अगर वह बिना सर्टिफिकेट के बस को रूट पर ले जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। रोडवेज के जीएम ने इसके लिए डिपो के सभी चालकों के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
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बस स्टैंड की वर्कशॉप से कई बस चालक बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए ही बसों को अपने रूट पर ले जाते हैं, जबकि बसों को वहां से निकालने के लिए चालक को फिटनेस सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है। ऑन रूट अगर किसी भी प्रकार की दिक्कत बस को आती है तो इसकी जिम्मेदारी बस चालक की होती है। अगर उसकेे पास बस फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होता तो उस पर कार्रवाई लाजमी है। अक्सर देखने में भी आता है कि कई बार बसें बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं, जिससे सवारियों को अधिक परेशानी होती है। अमूमन देखा जाता है कि बस चालक इसमें लापरवाही बरतते हैं और बसों को वर्कशॉप से बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के ही ले जाते हैं। जिसका खामियाजा सवारियों को झेलना पड़ता है। खासतौर पर लंबे रूट की बसों में सवार सवारियों को इस मामले में परेशानी आती है।
रोडवेज जीएम ने जारी किए आदेश
इस मामले में फतेहाबाद रोडवेज के जीएम शेरसिंह ने बस चालकों के लिए आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि किसी भी बस चालक को अपने रूट पर जाने से पहले वर्कशॉप से बस फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी है। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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यह है नियम
बसों को वर्कशॉप से बाहर निकालने के लिए रोडवेज विभाग ने कई नियम बनाए हैं। जिसमें बसों की साफ सफाई, रूट परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट आदि शामिल हैं। बसों की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही बस चालक अपने रूट पर चल सकते हैं।
कोट
बस स्टैंड की वर्कशॉप से सुबह बस निकालने से पहले बस चालकों को बस फिटनेस सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है। अगर कोई बस चालक दो या तीन फेरे कर आए तो कोई बात नहीं, लेकिन बसों की जांच नियमित करवानी अति आवश्यक है।
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-शेरसिंह, जीएम रोडवेज, फतेहाबाद।
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