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छात्रा से दुष्कर्म के दोषी डॉ. जिम्मी जिंदल को साढ़े पांच साल कैद

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बीडीएस छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए फतेहाबाद शहर के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जिम्मी जिंदल को बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलवंत सिंह की अदालत ने साढ़े पांच साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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डॉ. जिंदल को 26 अगस्त को दोषी करार दिया गया था। छात्रा के वकील भरत शर्मा ने बताया कि अदालत ने धारा 376-सी में डॉ. जिम्मी जिंदल को यह सजा सुनाई। इस धारा का अर्थ है कि कोई महिला आरोपी की अथॉरिटी में है, जो उस पर विश्वास करती है। उसके विश्वास का लाभ उठाकर दुष्कर्म करने वाले को 376सी के तहत सजा मिलेगी। हालांकि, डॉ. जिम्मी जिंदल के वकील ने दया का आग्रह करते हुए कहा कि दोषी पर पहला अपराध तय हुआ है। दोषी शुगर का मरीज है। साथ ही उसकी बेटी के दिल में छेद भी है, जिसका इलाज उसी ने करवाना है। इस मामले में कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए दोषी को न्यूनतम सजा दी जाए। मगर अदालत ने साढ़े पांच साल की सजा सुनाई।
यह था मामला
गौरतलब है कि 26 अक्तूबर 2017 को डॉ. जिम्मी जिंदल पर बीडीएस की छात्रा ने नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसके बाद छात्रा के परिजन व शहर के कुछ लोग डॉ. जिम्मी जिंदल को पीटते हुए व मुंह पर कालिख पोतकर अर्धनग्न करके शहर थाना में लेकर गए थे। बाद में पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर डॉ. जिम्मी जिंदल के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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