फतेहाबाद। सिविल सर्जन कार्यालय से नशा मुक्ति कैंपों से जुड़े दस्तावेजों को चोरी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण की शिकायत पर चोरी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामले में सिविल सर्जन कार्यालय के ही कई कर्मचारियों की मिलीभगत होने का अंदेशा जताया गया है। आरोप है कि अज्ञात कर्मचारियों ने ही ईमेल से दस्तावेज बाहर भेजे है।
मामले के मुताबिक तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने पुलिस अधीक्षक को 10 मार्च 2022 को शिकायत देकर बताया था कि अज्ञात लोगों ने उनके कार्यालय से नशा मुक्ति कैंप से जुड़े सरकारी दस्तावेज चुराकर उनको व अन्य अधिकारियों को बदनाम करने का प्रयास किया है। उन्होंने शिकायत में बताया था कि उनके कार्यालय में वर्ष 2020 व 2021 के दौरान लगाए गए नशा मुक्ति कैंप के दस्तावेज पड़े थे जिसको उन्हीं के कार्यालय के कुछ लोगों ने एक व्यक्ति के साथ मिलीभगत करके चुरा लिया और एक फर्जी ईमेल आईडी से दस्तावेजों को उपरोक्त व्यक्ति को भेज दिया। इन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके उनको व उनके अधीन अधिकारियों को बदनाम करने का प्रयास किया। जबकि ये दस्तावेज आरटीआई के माध्यम से न लेकर उनके कार्यालय से चुराए गए हैं। फिलहाल शहर पुलिस ने इस मामले में साइबर सेल की रिपोर्ट और उच्च अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद मामला दर्ज कर लिया है। शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि शिकायत के आधार पर फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।