45 दिन में डेबिट कार्ड का इस्तेमाल न करने पर नहीं मिलेगा योजना का लाभ
बैंक अधिकारी कर रहे हैं उपभोक्ताओं को गुमराह, नहीं पता है योजना के बारे में
ज्यादातर लोग बीमे और ओवरड्राफ्ट के लिए खुलवा रहे हैं खाता
जन-धन योजना के तहत खोले जा रहे खातों में एक बहुत बड़ा पेंच आ गया है। शायद इसके बारे में उपभोक्ताओं को भी नहीं बताया गया है। यह पेंच है बीमे का।
बीमे का लाभ उसी व्यक्ति को मिलेगा जो डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करेगा। अर्थात डेबिट कार्ड का इस्तेमाल न करने वाले उपभोक्ताओं को बीमे का लाभ नहीं दिया जाएगा। बैंक अधिकारी उपभोक्ताओं से इस बात को छिपाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं।
नियम के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति जन-धन योजना के तहत किसी बैंक में खाता खुलवाता है तो उसे बैंक की ओर से डेबिट कार्ड दिया जाता है। जिसे 45 दिन में एक्टिवेट कराना जरूरी है।
यह डेबिट कार्ड एक्टिवेट उस समय होगा। जब खाते में पैसे होंगे अर्थात उपभोक्ता को जन-धन योजना वाले खाते में पैसों की ट्रांजेक्शन करनी जरूरी है। यदि उपभोगता इन 45 दिनों में खाते को एक्टिवेट नहीं करता और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे बीमे तथा ओवर ड्राफ्ट का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार जिस खाते को जीरो बैलेंस एकाउंट बता रही है और बीमे तथा ओवरड्राफ्ट की बात कर रही है तो बिना ट्रांजेक्शन के ये एकाउंट कैसे जीरो बैलेंस पर होगा।
लोगों को इस बात का भ्रम है कि बैंक उनके शून्य बैलेंस पर खाते खोल रही है अर्थात यह खाता शून्य बैलेंस खाता नहीं है।
क्या है सरकार की स्कीम
15 अगस्त को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना के तहत खाते खोलने की योजना शुरू की गई थी। जिसमें बैकों को शून्य बैलेंस पर खाता खोलने, 6 महीने बाद खाते में 5 हजार रुपये का ओवरड्राफ्ट तथा एक लाख रुपये के बीमे का लाभ देने के निर्देश दिए गए थे।
जिसके बाद लोगों में इस खाते को खुलवाने की होड़ लगी हुई है। लेकिन बैंक अधिकारी इस बात को बताने से बच रहे हैं कि इस स्कीम का लाभ उसी को मिलेगा। जो 45 दिन में खाते को शुरू करेगा और डेबिट कार्ड को शुरू कराएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
लीड बैंक मैनेजर रामफल पूनियां ने बताया कि 45 दिन में डेबिट कार्ड को शुरू कराना जरूरी होगा। यदि उपभोगता 45 दिन के अंदर खाते में ट्रांजेक्शन नहीं करता है तो उसे जन-धन योजना का लाभ नहीं मिलेगा।