हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर टोहाना व रतिया के ब्राह्मणवाला में 23 घंटे से रुके किसानों के सब्र का बांध टूट गया। पुलिस की थोड़ी सी ढील मिलते ही किसान अवरोधक तोड़कर हिसार के लिए आगे बढ़ गए। टोहाना में पंजाब के दस से अधिक जिलों से आए किसान चंडीगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल के पास पुलिस ने बुधवार दोपहर करीब 3.30 बजे से रोके हुए थे। कड़कड़ाती ठंड में रात को भी किसान यहीं रुके रहे। वीरवार दोपहर करीब ढाई बजे हजारों की संख्या में किसान बेरिकेड्स तोड़कर पथराव करते हुए सुरेवाला चौक के रास्ते दिल्ली के लिए रवाना हुए। किसानों के काफिले को निकलने में करीब एक घंटा लग गया। इस दौरान हरियाणा के किसानों ने भी भरपूर समर्थन दिया। वहीं, रतिया से रात को किसान नेता मंदीप नथवान के नेतृत्व में ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ आगे बढ़े किसानों को पुलिस ने भोडा होशनाक के पास हाईवे पर रोक लिया। यहां रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर किसानों को रोके रखा गया। किसानों के वाहनों से करीब पांच किलोमीटर लंबी कतार लगी रही।
सुबह भाकियू प्रदेश महासचिव ने प्रशासन को दो घंटे का दिया अल्टीमेटम
सुबह करीब दस बजे एसडीएम नवीन कुमार चंडीगढ़ रोड पर पहुंचे जहां किसानों को रोका हुआ था। साढ़े 10 बजे भाकियू के प्रदेश महासचिव काका सिंह किसानों के बीच दोबारा आए तथा प्रशासन को दो घंटे का समय देते हुए उन्हें दिल्ली जाने देने की बात कही। दोपहर 12 बजे किसानों को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की टीम आंसू गैस वाली गाड़ी के साथ मौके पर पहुंची और वार्मअप शुरू किया। दोपहर एक बजे प्रदेश महासचिव काका सिंह ने उच्च स्तरीय किसान नेताओं से बातचीत के बाद आगामी रणनीति बनानी शुरू कर दी। सवा एक बजे हरियाणा के गांव कन्हड़ी, समैण, बलियाला के किसान धरने पर पहुंचे तथा धरने को समर्थन किया। दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों का जत्था किसानों को समर्थन देने पहुंचा। करीब 2 बजे फतेहाबाद के एसपी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। इसके दस मिनट बाद किसानों ने बेरिकेड्स तोड़ते हुए पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया जिससे पुलिस पीछे हटनी शुरू हो गई।
एसपी ने आकर सीआईए प्रभारी से बात की, फिर पीछे हट गई पुलिस
दोपहर 2.30 बजे किसानों का काफिला चंडीगढ़ रोड पर हर्बल पार्क के पास पहुंचा तो पुलिस टीम ने शहीद चौक पर हरकत को तेज किया। दोपहर 2.50 बजे एसपी फतेहाबाद राजेश कुमार ने शहीद चौक पर आकर नाका लगाए खड़े सीआईए इंचार्ज साधुराम से बात की। पांच मिनट बाद पुलिस ने शहीद चौक पर लगी क्रेन व ट्रकों को हटाना शुरू कर दिया। दोपहर 3 बजे तक किसानों का काफिला कैंची चौक पर आया तो पुलिस पीछे हट गई और करीब एक घंटे तक किसानों का काफिला हिसार की ओर निकलता रहा।
200 से ज्यादा गाड़ियां रात भर फंसी रही जाम में
चंडीगढ़, हिमाचल व पंजाब के लुधियाना, बुढ़लाडा जाने वाली करीब 200 मालवाहक गाड़ियां रात भर टोहाना में ही जाम में फंसी रही। ट्रक चालक मोहन व राम ने बताया कि गुजराज से जिरकपुर के लिए कोलगेट लेकर जानी थी, वह रात को टोहाना आ गए थे। मगर किसानों के जाम के चलते उनके ट्रक ओवरब्रिज पर फंस गए। कई गाड़ियों को हिमाचल के बद्दी तो कुछ को चंडीगढ़ की तरफ जाना था। मगर जाम खुलने के बाद ही वह आगे जा सके।
प्रशासन ने खुदवा दिए गड्ढे, ग्रामीणों के विरोध के बाद किए बंद
प्रशासन द्वारा किसानों को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध करने की कड़ी में बेरिकेड्स के साथ बल्लियां लगाकर उनमें कंटीली तारें लगाई गई थी। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व वाटर कैनन गाड़ी लाई गई थी। प्रशासन द्वारा हिसार रोड पर बिजली घर के सामने नेशनल हाईवे पर दो बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए गए ताकि किसान आगे न जा सकें मगर गांव कन्हड़ी, समैण व बलियाला के किसानों के विरोध के चलते प्रशासन ने करीब आधे घंटे बाद ही इन गड्ढों को वापस मिट्टी से भरवा दिया।