लोकसभा और विधानसभा में होने वाले सत्रों की तरह जिला परिषद का दो दिवसीय सत्र पहले दिन जिला पार्षदों के हंगामे और खींचतान के बीच रहा। सत्र में चेयरमैन राजेश कस्वां पर आठ माह में बिना मीटिंग सात करोड़ की ग्रांट खुद के ही दो वार्डों में खर्च करने के आरोप लगाए। कहा गया कि ग्रांट बांटने में भेदभाव किया है जबकि पिछली मीटिंग में तय हुआ था कि ग्रांट सभी वार्डों में समान रूप से बांटी जाएगी। पार्षद युक्ति गोदारा और विजेंद्र सिवाच ने जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि लिखकर देने के बावजूद बैठक नहीं बुलाई गई। लंच के बाद सत्र में जिला परिषद सदस्य रामदास को बिना सहमति स्पीकर चुनने पर युक्ति गोदारा ने सवाल उठाए। इसके बाद स्पीकर ने सत्र को स्थगित कर दिया। गोदारा हंगामा करती रही लेकिन किसी ने नहीं सुनी। बैठक रखने के प्रोफार्मा पर बिना हस्ताक्षर किए गोदारा सत्र से बाहर चली गई।
सत्र की शुरुआत लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर की गई। चेयरमैन राजेश कस्वां ने सदन चलाने के लिए स्पीकर नियुक्त करने के लिए जिला परिषद सदस्य रामदास का नाम रखा। किसी ने इस दौरान ऐतराज नहीं जताया और रामदास को स्पीकर चुन लिया गया। मगर बाद में युक्ति गोदारा ने स्पीकर चुनने पर भी सवाल उठाए।
दो पार्षद गड़बड़ी के आरोप लगाते रहे, चेयरमैन नहीं दे पाए जवाब : सत्र शुरू होने पर स्पीकर रामदास ने वार्ड एक से जिला परिषद सदस्यों को मांग रखने को कहा। पार्षद युक्ति गोदारा ने कहा कि कहने के बावजूद बैठक इसलिए नहीं बुलाई गई क्योंकि ग्रांट को दो वार्डों में ही बांटा सजा रहा है। पिछली बार साफ तौर पर तय हुआ था कि सभी वार्डो में रुपये बराबर बांटे जाएंगे। चेयरमैन ने खड़े होकर कहा कि मीटिंग छह दिन के अंदर बुलाई जाएगी। स्पीकर रामदास ने कहा कि मैडम बैठ जाएं बहस न करें। इस पर युक्ति गोदारा ने कहा कि जब चेयरमैन पर सवाल उठे हैं तो रोका जा रहा है। इस पर स्पीकर ने कहा कि चेयरमैन कह चुके हैं कि मीटिंग में ग्रांट का हिसाब दिया जाएगा। गोदारा बोली पंचायती राज एक्ट में 15 दिन में मीटिंग बुलाने का नियम है। विजेंद्र सिवाच बोले सभी पार्षदों ने मीटिंग के लिए पत्र सीईओ को दिया लेकिन फिर भी नहीं बुलाई गई।
जिला पार्षद सुनीता कस्वां ने नहीं रखा कोई मुद्दा : जिला परिषद सदस्य सतपाल शर्मा ने भट्टूकलां तहसील में पटवारियों के बैठने के लिए कमरे के निर्माण की मांग उठाई। वार्ड तीन की पार्षद सुनीता कस्वां ने कोई मुद्दा नहीं रखा। पार्षद युक्ति गोदारा ने एमपी रोही में ढाणियों के लिए बनाए रास्तों में गुणवत्ता पूर्वक कार्य न होने पर जांच की मांग की। स्पीकर ने सीईओ को जांच के आदेश दिए। पार्षद सुरजीत सिंह ने जिले में लाईब्रेरी के लिए बिल्डिंग बनाने की मांग की। पार्षद बीबो इंदौरा ने मनरेगा में नियमानुसार नाम शामिल न करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने लठेरा में बस अड्डा और पीने के पानी की मांग भी रखीं। पार्षद मनदीप कौर ने सदन में रतिया-बुढलाडा रोड पर पेड़ों की टहनियों की छटाई करने सहित जाखनदादी कॉलेज तक बस की सुविधा देने की मांग रखी। पार्षद विजेंद्र सिवाच ने 14-15वें वित्त कमीशन की ग्रांट को जिला परिषद के वार्डों में बराबर रखने की मांग की। पार्षद अजय मेहता ने जिले में स्टेडियम व लाइब्रेरी बनाने तथा बोस्ती में वाटर टैंक के निर्माण और भूना-टोहाना मार्ग पर चलने वाली बसों को वाया बोस्ती करने की मांग की। पार्षद जगदीश चंद्र ने गांवों में स्ट्रीट लाइटें न होने का मुद्दा उठाया और बीपीएल कार्ड से वंचित के नाम सूची में शामिल करवाने जबकि पार्षद अवतार सिंह ने गांव धारसूल में कैंसर मरीजों के बढ़ने पर चिंता जाहिर कर प्रशासन से स्पेशल टीम बनाकर वहां स्वास्थ्य परीक्षण करवाने की मांग की। पार्षद बलजीत कौर ने सदन में कहा कि आवास योजना में जरूरतमंदों को मकानों की मुरम्मत के रुपये जल्द ्से जल्द दिए जाने चाहिए। 34 फार्म दिए गए थे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लंच के बाद दस मिनट में सत्र हुआ स्थगित : जिला परिषद के पहले दिन के सत्र में लंच से पहले करीब डेढ़ घंटे तक जिला परिषद सदस्यों ने अपनी मांगे रखी। इसके बाद एक घंटे का लंच रहा। लंच खत्म होने के बाद युक्ति चौधरी ने माइक ले लिया और सवाल उठाते हुए कहा कि बिना सहमति के स्पीकर चुना गया है। इस पर स्पीकर ने कहा कि चेयरमैन राजेश कस्वां ने प्रस्ताव रखा था सहमति के बाद चुना गया लेकिन युक्ति चौधरी चुप नहीं हुई और बहस जारी रखी। स्पीकर ने सत्र स्थगित कर दिया।
चेयरमैन और अधिकारी आज के सत्र में देंगे सवालों का जवाब : पहले दिन के सत्र में सदस्यों द्वारा रखे गए विषयों पर शुक्रवार को जिला परिषद के चेयरमैन राजेश कस्वां जवाब देंगे। इसके अलावा अधिकारी भी मीटिंग में पार्षदों के सवालों का जवाब देंगे। इस मौके पर जिप सीईओ जयदीप सिंह, डीडीपीओ बलजीत सिंह चहल, कार्यकारी अभियंता कुलबीर सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान सिंह, डीडीएएच डॉ. काशी राम, आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. धर्मपाल पूनियां, पीओ आईसीडीएस राजबाला जांगड़ा, डीएसडब्ल्यूओ इंद्रा यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।