गांव भीमेवाला की उबड़ खाबड़ पंचायती जमीन जहां युवा करते हैं अभ्यास। संवाद
समैन। भीमेवाला गांव के खिलाड़ी सरकारी खेल सुविधाओं के अभाव में मुश्किल हालात में अभ्यास कर रहे हैं। गांव में न तो कोई खेल नर्सरी है और न ही स्टेडियम, जिससे 30 से अधिक खिलाड़ी खाली पड़ी पंचायती जमीन में उबड़-खाबड़ मैदान में अपने खेल का अभ्यास करने को मजबूर हैं।
खिलाड़ियों ने बताया कि मैदान में न पीने का पानी उपलब्ध है और न ही शौचालय की सुविधा। मोहित, सूर्यदीप और प्रांजल ने बताया कि वे स्वयं पैसे इकट्ठा करके खेल सामग्री लाते हैं। खेल की उचित सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं में पीछे रह जाते हैं। उनका कहना है कि अगर गांव में खेल स्टेडियम और खेल नर्सरी बन जाए तो वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
गांव के युवा और खिलाड़ी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि खेल स्टेडियम और नर्सरी के निर्माण से गांव के युवा स्वास्थ्यपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में खेल का अभ्यास कर सकेंगे। साथ ही यह पहल भविष्य में भीमेवाला के खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी। खिलाड़ियों और ग्रामीणों की सरकार व खेल विभाग से अपील है कि जल्द से जल्द गांव में खेल स्टेडियम और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण पा सकें और अपने खेल कॅरिअर को सफल बना सकें।
-
खिलाड़ी अपनी मेहनत और लगन के बावजूद उचित मैदान और संसाधनों के बिना खेल का अभ्यास कर रहे हैं। सरकार और खेल विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि युवा खिलाड़ी सही से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
-प्रदीप नैन, ग्रामीण।
-
ग्राम पंचायत समय-समय पर खिलाड़ियों को सहयोग करती है और अगर सरकार स्टेडियम का निर्माण कराए तो पंचायत हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है। खेल स्टेडियम बनने से न केवल खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि गांव में खेलों की संस्कृति भी विकसित होगी।
-सुरेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि भीमेवाला।