फतेहाबाद। सिस्टम ऑनलाइन होने के साथ फ्रॉड भी तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन ठगी के मामले में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है लेकिन इनको सुलझाने वाली पुलिस अभी तक अपग्रेड नहीं हुई है। साइबर थाने बेशक खुल गए हैं लेकिन एक्सपर्ट की कमी को विभाग दूर नहीं कर पाया है।
नतीजा ये है कि साइबर थाना में 50 हजार रुपये से ज्यादा का क्राइम होने पर ही मामले को जांच के लिए साइबर थाना भेजा जा रहा है, इससे नीचे के मामले पुलिस विभाग संबंधित थाना को भेज रहा है। साइबर थाना में पुलिस विभाग के दो ही एक्सपर्ट तैनात हैं और यहां पर 225 से ज्यादा शिकायतें पेंडिंग पड़ी हैं। इधर जांच के नाम पर संबंधित थानों में शिकायतें दबी की दबी रह रही है। 15 दिन बाद शिकायतकर्ताओं को न फोन करके सूचित किया जा रहा है और न ही जांच के लिए बुलाया जा रहा है। नाममात्र के हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। हालात ये है कि जिले में रोजाना तीन से चार शिकायतें पोर्टल 1930 पर दर्ज हो रही हैं। नहीं ठगी के मामले बैंकों से जुड़े हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बैंकों से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो दो से तीन माह तक जानकारी नहीं दी जाती है। पहले संबंधित शाखा को और इसके बाद बैंक मुख्यालय से मांगा जाता है। संवाद
14 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं
फतेहाबाद के अल्फा सिटी निवासी साहिल कुमार का कहना है कि उसके साथ एक फरवरी को ऑनलाइन ठगी हुई थी। फोन करने वाले ने खुद को जान पहचान का बताते हुए धोखे से बैंक खाते से 19300 रुपये दो बार में निकाल लिए। मामले को लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके बाद आज तक न तो किसी का फोन आया और न ही कोई एफआईआर दर्ज हुई है। साइबर थाना के अधिकारी कहते है कि मामले को संबंधित थाना को भेजा गया है।
साइबर थाना में अब तक मात्र दो एफआईआर दर्ज
साइबर थाना शुरू हो चुके है और रोजाना पोर्टल 1930 पर क्राइम को लेकर तीन से तीन शिकायतें जिले से दर्ज हो रहे हैं। ये शिकायतें पोर्टल पर अपडेट होने के बाद पुलिस विभाग की साइबर क्राइम टीम के पास जाते हैं। यहां से शिकायतों को संबंधित थाना को भेजा जा रहा है और 50 से ज्यादा का क्राइम होने पर ही साइबर थाना के पास शिकायत भेजी जा रही है। जानकर हैरानी होगी कि अब तक साइबर थाना में दो ही मामले दर्ज हुए हैं। पहली एफआईआर 19 नवंबर 2022 को दूसरी एफआईआर 31 जनवरी 2023 को दर्ज हुई है।
क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट के झांसे में हो रही ठगी, 40 फीसदी शिकायतें
साइबर थाना के अधिकारियों की माने तो क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट को लेकर ठग झांसे में लेकर ठगी कर रहे है। करीब 40 फीसदी शिकायतें इससे संबंधित ही है। क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट को लेकर मैसेज व कॉल के जरिये जानकारी ली जाती है। लोग झांसे में आकर जानकारी दे देते हैं ठग क्रेडिट कार्ड से राशि ट्रांसफर कर लेते हैं। ऐसे में क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी साझा न करें।
मैसेंजर पर खुद को साला बताकर ठगे एक लाख रुपये
टोहाना में हाल ही में एक व्यक्ति ने फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर मैसेंजर पर मैसेज करके खुद को साला बताया और फिर एक लाख रुपये की मांग कर ली। जीजा ने एक लाख रुपये व्यक्ति द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिए।
कोट
साइबर क्राइम बढ़ रहा है, इसको लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी फोन पर किसी के साथ भी साझा न करें और न ही ओटीपी बताएं। साइबर थाना में 50 से ज्यादा के क्राइम की शिकायतें आ रही हैं और इससे कम की शिकायत संबंधित थाना में भेजी जा रही है।
-रविश कुमार, थाना प्रभारी, साइबर थाना