हरियाणा के फतेहाबाद के गांव चौबारा में मासूम बच्चे की मौत और सैनिक को जलाने की कोशिश के मामले का भूना पुलिस ने 28 दिन बाद शुक्रवार को पटाक्षेप कर दिया है। अवैध संबंधों के चलते एक मां ने अपने जिगर के टुकड़े को मौत के घाट उतार दिया था। वारदात के सिर्फ दस दिन बाद आर्मी से छुट्टी लेकर घर आए पति को भी मारने का प्रयास किया।
पुलिस ने सैनिक की पत्नी व उसके प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रेमी ने अपना अपराध कबूल भी कर लिया है। पुलिस ने मामले को लेकर महिला व उसके प्रेमी से सख्ती से पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम की परतें खुल गई।
इस संबंध में सैनिक ने अपनी ही पत्नी के खिलाफ 14 जनवरी को पुलिस थाने में शिकायत देकर उसे जिंदा जलाकर मारने के प्रयास व उसके सात वर्षीय मासूम बेटे हार्दिक की हत्या करने का आरोप लगाया था। सैनिक की 9 वर्षीय बेटी ने अपनी मां की करतूत दादी को बताई तो परिजनों ने पुलिस को अवगत करवाया।
पुलिस ने महिला के फोन की कॉल डिटेल निकाली तो प्रेम-प्रसंग का कच्चा चिट्ठा खुलकर सामने आ गया। उसी आधार पर पुलिस ने गांव चौबारा के झोलाछाप डॉ. सुरेश कोहाड़ व महिला कविता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मासूम की हत्या और सैनिक के हत्या प्रयास के घटनाक्रम से पर्दा उठ गया।
झोलाछाप डॉक्टर ने रचा मौत का खेल
गांव चौबारा निवासी सैनिक कृष्ण कुमार की शादी 12 साल पहले हसनगढ़ निवासी कविता के साथ हुई थी। सैनिक की पत्नी कविता ने दो बच्चों को जन्म दिया, जिनमें बड़ी 9 वर्षीय बेटी सोनाक्षी व छोटा सात वर्षीय बेटा हार्दिक था। कई माह से सैनिक की पत्नी का चाल-चलन ठीक नहीं लग रहा था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि झोलाछाप डॉक्टर सुरेश कोहाड़ ने कविता को अपने जाल में फंसाया था।
इनकी हरकतों को सात वर्षीय मासूम बच्चे ने देख लिया था। सुरेश ने बच्चे को बीमार करने के उद्देश्य से नशे की दो गोली खिला दी, इससे मासूम हार्दिक तुरंत बेहोश हो गया। उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। सैनिक कृष्ण कुमार की सुई अपनी पत्नी की तरफ घूमी तो स्वयंभू डॉक्टर ने उसका भी काम तमाम करने के लिए रणनीति बनाई। आरोपी ने प्रेमिका को नींद की गोलियां देकर पति को खिलाने के लिए दबाव बनाया।
महिला और उसके प्रेमी ने मिलकर 13 जनवरी की रात गोली के नशे में होने पर सैनिक की चारपाई को आग लगा दी। जब सुबह करीब 5 बजे उसकी आंखें खुली तो बिस्तर में आग लगी थी। वह शोर मचाने लगा, तो परिजनों ने उसे बाहर निकाला और बिस्तर पर लगी आग बुझाई। आगजनी में उसका दाहिना पैर जल गया था। पुलिस ने सैनिक की शिकायत पर आरोपी महिला के खिलाफ धारा 436, 307, 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था।
पहले पुलिस ने की थी इत्तफाकिया कार्रवाई
गांव चौबारा निवासी सैनिक कृष्ण कुमार ने बताया कि उसका सात वर्षीय मासूम बेटा गोरखपुर के प्राइवेट स्कूल में दूसरी कक्षा का विद्यार्थी था। घटना से कुछ देर पहले वह आंगन में खेल रहा था। मगर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और पूरा शरीर नीला पड़ गया था। उसने छोटे भाई संदीप को हार्दिक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए कह दिया था। पुलिस ने बच्चे का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाकर विसरा रिपोर्ट हिसार भेजी हुई है। पुलिस के पास अभी पोस्टमार्टम व विसरा रिपोर्ट नहीं आई है। पहले पुलिस ने बच्चे की मौत को लेकर सैनिक के छोटे भाई संदीप के बयान पर 174 की कार्रवाई की थी।
झोलाछाप डॉक्टर भी है शादीशुदा और तीन बेटियों का बाप
झोलाछाप डॉक्टर 36 वर्षीय सुरेश कोहाड़ ने पुलिस को बताया है कि पिछले एक वर्ष से महिला के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। बच्चे को बेहोश करने के लिए गोली दी गई थी, लेकिन उसकी मौत हो गई। आरोपी शादीशुदा है और तीन बेटियों का बाप है।
गांव चौबारा में मासूम हार्दिक की हत्या से संबंधित वारदात को लेकर महिला व गांव चौबारा के सुरेश को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
-अनूप सिंह, प्रभारी, भूना पुलिस थाना