अदालत ने सास व मौसेरी सास की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा हत्या के प्रयास के मामले में दस साल की कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
हरियाणा के फतेहाबाद की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने सास व मौसेरी सास की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी पूर्व सैनिक दामाद देवेंद्र सिंह को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी को 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
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पत्नी, साली व साले दिलबाग पर भी दोषी ने लाइसेंसी पिस्तौल से ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या करने के प्रयास मामले में भी अदालत ने 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया। जुर्माना न भरने की सूरत में 6 माह की सजा अतिरिक्त भुगतनी पड़ेगी। आर्म्स एक्ट में उसे 3 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना किया है। तीनों ही सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में दोषी के भाई अतर सिंह को कोर्ट ने संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
ये था मामला
हिसार निवासी दोषी देवेंद्र सिंह के खिलाफ भूना पुलिस ने 23 अप्रैल 2018 को आईपीसी की धारा 302, 307, 498ए, 109, 120बी, 34 आईपीसी व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में दिलबाग सिंह निवासी गोरखपुर ने बताया था कि उसे उसकी मौसी मनपति ने गोद लिया हुआ है, उसकी मौसी की लड़की सुनीता की शादी 8-9 साल पहले हिसार निवासी देवेंद्र सिंह के साथ हुई थी। सुनीता करीब दो माह से गोरखपुर अपने बच्चों सहित आई हुई थी। 23 अप्रैल 2018 को उसकी चाची केलो देवी, मौसी मनपति, बहन सुनीता व रामभतेरी घर पर थी और वह ऊपर चौबारे में था।
तभी उसका जीजा देवेंद्र सिंह स्कूटी पर उनके घर आया और आते ही उसने हाथ में लिए पिस्तौल से फायर करने आरंभ कर दिए। देवेंद्र सिंह ने अंदर से कमरे को बंद कर लिया और फायर करता रहा। सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और दो घंटे के ऑपरेशन के बाद देवेंद्र सिंह को काबू किया था। इस फायरिंग में केलो देवी व मनपति की मौत हो गई थी और बाकी सभी घायल हो गए थे। आरोप था कि देवेंद्र सिंह उसकी बहन से 14 लाख रुपये दहेज मांग रहा था और न मिलने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया था।