प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर जिला पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च निकाला गया, जो जिला के सभी मुख्य बाजारों, रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरा। इससे पूर्व स्थानीय पुलिस लाइन में मॉक-ड्रिल भी आयोजित की गई, जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा भारी संख्या में पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान दंगाइयों और भीड़ से निपटने के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले शस्त्रों का भी संचालन किया गया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल ने पुलिसकर्मियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरुरी दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में कानून-व्यवस्था को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाए। एसपी नरवाल ने कहा कि सड़क, रेल इत्यादि को किसी भी सूरत में बाधित न होने दिया जाये, क्योंकि ऐसा होने से जनसाधारण को काफी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इस मौके पर पत्रकारों से बात करते उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए फ्लैग मार्च की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को समझाएं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में ड्यूटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भाईचारे को बिगाड़ने वाली गलत अफवाहों पर लोग विश्वास न करें। कई बार गलत सूचनाओं का समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अगर किसी भी व्यक्ति को समाज को तोड़ने वाली सूचना मिलती है तो वह सीधे इसकी जानकारी डीसी अथवा पुलिस प्रशासन को दे सकता है।