हरियाणा के फतेहाबाद में दहेज के लिए विवाहिता की चुन्नी से गला दबाकर हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा की अदालत ने मृतका के पति व सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इस मामले में भट्टूकलां थाना पुलिस ने 3 जुलाई 2019 को फतेहाबाद के गांव ढाणी ठोबा निवासी बीरबल की शिकायत पर गांव पीलीमंदौरी निवासी रमेश व उसकी मां कैलाश देवी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बीरबल ने बताया था कि उसने अपनी बेटी शकुंतला का विवाह रमेश कुमार से करवाया था।
शादी के दौरान उसने अपनी हैसियत के अनुसार दान दहेज भी दिया था। आरोप है कि शकुंतला की सास कैलाश देवी व उसका पति रमेश कुमार इस दहेज से खुश नहीं थे और उसकी बेटी को ताने देते थे। इसके बाद शकुंतला को बेटा हुआ तो उसने दो लाख रुपये के कपड़े व गहने उसके ससुराल में दिए।
बीरबल का आरोप था कि इसके बाद उक्त लोगों ने उसकी बेटी को मारपीट कर घर से निकाल दिया और वह उसके पास आ गई। दो दिन बाद उसके पास रमेश के परिवार के लोग आए और अपनी गलती मानकर उसकी बेटी को साथ ले गए। आरोप था कि रात को रमेश व कैलाश देवी ने उसकी बेटी का चुन्नी से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।
उसके पास गांव पीलीमंदौरी के लोगों ने यह सूचना दी। जब वह मौके पर पहुंचा तो उसकी बेटी का शव चारपाई पर पड़ा था और उसके गले पर निशान थे। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा की अदालत ने रमेश व कैलाश देवी को दोषी मानते हुए उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।