हरियाणा के फतेहाबाद में गांव ढिंगसरा के बहुचर्चित आन के लिए हत्या के मामले में सभी 16 दोषियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अदालत ने मामले में दोषी सुंदरलाल, शेरसिंह, बलवान, विक्रम, भंवर सिंह उर्फ भंवरा, बलराज सिंह, नेकीराम, रवि, धर्मपाल उर्फ जागर, दलबीर, सुरजीत, साहबराम, वेदप्रकाश, वीरूराम, विनोद कुमार, बलबीर सिंह को सजा सुनाई है। हालांकि, एक आरोपी श्रीराम की मौत हो चुकी है। साल 1997 में फतेहाबाद जिला बनने के बाद 25 साल के जिले के इतिहास में पहली बार एक साथ 16 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
यह था मामला
गौरतलब है कि हिसार जिले के गांव डोभी निवासी धर्मबीर ने गांव सीसवाल में अपने मामा के घर रह रही सुनीता के साथ मार्च 2018 में सिरसा के चत्तरगढ़ पट्टी मंदिर में अंतर जातीय प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह के बाद दोनों ने सुनीता के मामा दलबीर आदि से जान का खतरा बताकर पुलिस सुरक्षा भी ली थी और उनको सेफ हाउस में भेज दिया था। इसके बाद धर्मबीर अपने मामा रायसिंह के घर फतेहाबाद जिले के गांव ढिंगसरा में आ गया।
यहां पर एक जून 2018 को तीन गाड़ियों में आए दलबीर सिंह व उसके साथियों ने रायसिंह के घर के बाहर फायरिंग की और धर्मबीर व सुनीता का अपहरण कर ले गए। इस मामले में भट्टूकलां थाना पुलिस ने रायसिंह की शिकायत पर उपरोक्त सभी दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस तफ्तीश में पता चला कि दोषियों ने धर्मबीर की गांव सीसवाल में ट्यूबवेल पर ले जाकर रबड़ के पट्टों से पीट पीटकर हत्या कर दी। धर्मबीर के पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे और उसके शव को सिद्धमुख नहर में फेंक दिया, बाद में राजस्थान के भादरा से बरामद किया गया था।
इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा
अदालत ने दोषियों को आईपीसी की धारा 120बी व 302 में आजीवन कारावास 5-5 हजार रुपये, धारा 148 में तीन साल, धारा 285 में छह माह कैद, धारा 452 में सात साल कैद व दो हजार रुपये का जुर्माना, धारा 364 में 10 साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 201 के तहत तीन साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।