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सिपाही भर्ती : आंसर-की बेचने का भंडाफोड़, तीन काबू

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बस स्टैंड परिसर में लगी परीक्षार्थियों की भीड़ । संवाद - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई पुरुष सिपाही भर्ती की आंसर-की बेचने के मामले का फतेहाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। फतेहाबाद पुलिस ने कैथल निवासी एक युवक सहित तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपी शहर में पेपर बेचने में कामयाब नहीं हो सके क्योंकि उन्हें खरीदार नहीं मिले। आरोपी पेपर बेचने की एवज में 18 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे। फतेहाबाद से मिले इनपुट के आधार पर ही कैथल व करनाल में भी आरोपी पकड़े गए हैं। वहीं विभाग ने परीक्षा रद्द कर दिया है।
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जिले में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पुरुष सिपाही पद की भर्ती के लिए शनिवार को 40 केंद्रों पर लिखित परीक्षा ली गई। सुबह व शाम की दो शिफ्टों में 17774 आवेदकों ने परीक्षा दी। प्रत्येक शिफ्ट में 11 हजार 900 आवेदकों की परीक्षा की व्यवस्था की गई। पहली शिफ्ट में 8835 आवेदकों ने परीक्षा दी तो दूसरे शिफ्ट में 8939 आवेदकों ने परीक्षा दी। हालांकि, पहले दिन शनिवार को करीब 25 फीसदी आवेदक परीक्षा देने नहीं पहुंचे। शेड्यूल के मुताबिक, जिले में 47 हजार आवेदकों ने परीक्षा देनी है, जिसके लिए 27 जगहों पर 40 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण करवाने के लिए प्रशासन ने सभी पुख्ता प्रबंध किए हैं। 11 फ्लाइंग स्कवायड टीमों के साथ 4 डीएसपी सहित 400 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए उपायुक्त महावीर कौशिक व एसपी राजेश कुमार ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने व्यवस्था पर संतोष जताया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर आयोग द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों वीडियोग्राफी भी की जा रही थी। सुबह के सत्र में 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम के सत्र में 3 बजे से 4:30 बजे तक परीक्षा चली। यहां पर सिरसा, हिसार व जींद जिले के परीक्षार्थी आए हुए थे।
ये रही उपस्थिति
सुबह की शिफ्ट
कुल आवेदक : 11900
गैर हाजिर रहे : 3065
शाम की शिफ्ट
कुल आवेदक : 11900
गैर हाजिर रहे : 2961
कोविड-19 प्रोटोकॉल नजरअंदाज
परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना महामारी के मद्देनजर जारी दिशा निर्देशों का पालन नहीं हुआ। परीक्षा केंद्रों के बाहर आवेदक कतार में थे, मगर सामाजिक दूरी नजर नहीं आई। काफी युवाओं ने मास्क नहीं लगाए हुए थे। शुरू में औपचारिक तौर पर आवेदकों का तापमान भी चेक किया जा रहा था ताकि किसी में कोरोना के लक्षण न हों। मगर जब कतार लंबी हुई तो जल्दबाजी शुरू हो गई। फिर सारे नियमों की अनदेखी शुरू हो गई।
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बसों में रही भीड़, छतों पर बैठे थे परीक्षार्थी
परीक्षा के चलते दूर दराज से आए परीक्षार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों में खूब भीड़ रही। परीक्षार्थी छतों पर बैठे थे। कई परीक्षार्थी बसों की खिड़कियों में लटके हुए थे। इसके चलते अन्य यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। बसें खचाखच यात्रियों से भरी हुई थीं। बस स्टैंड में खूब भीड़ रही।
शहर में रही जाम की स्थिति
परीक्षा दो चरणों में थी। इसके चलते परीक्षा शुरू होने से पहले व परीक्षा खत्म होने के बाद दोनों ही बार बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। काफी परीक्षार्थी अपने निजी वाहनों में आए हुए थे। इसके चलते सड़कों पर वाहन ही वाहन दिखाई दे रहे थे। शनिवार को कई सरकारी संस्थानों का अवकाश होता है। इसलिए स्थिति कुछ नियंत्रण में रही।
गर्मी ने किया बेहाल
शनिवार को गर्मी व उमस भी खूब रही। चूंकि परीक्षा केंद्र में जाने से पहले परीक्षार्थियों की तलाशी ली जा रही थी, ताकि नकल के लिए कोई डिवाइस न लेकर आया हो। इसके लिए आवेदकों को हिदायत थी कि वे पैंट की बेल्ट, हाथ में कोई अंगूठी, कड़ा, गले में लॉकेट आदि न डाल कर आएं। इसलिए चेकिंग चल रही थी। परीक्षार्थियों को राखी के धागे तक उतारने पड़े ताकि कोई गड़बड़ी न हो जाए।
बाबा श्याम वेलफेयर सोसायटी ने लगाया हेल्प डेस्क
सामाजिक संस्था बाबा श्याम वेलफेयर सोसायटी ने परीक्षार्थियों की मदद के लिए बस स्टैंड के सामने सहायता केंद्र लगाया। उनको मास्क, सैनिटाइजर और पेन भी वितरित किए गए। करीब 1500 परीक्षार्थियों ने सहायता केंद्र का लाभ लिया। संस्था के सेवादार गांव भिरड़ाना निवासी विजय सहारण ने बताया कि जींद, हिसार, ऐलनाबाद, रानियां, हांसी, सिरसा और अन्य जिलों से आए युवाओं को परीक्षा केंद्र का पता ढूंढने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उनकी टीम ने ऐसे युवाओं को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद की।
कोट
गर्मी के कारण दिक्कत आई
आज गर्मी बहुत ज्यादा है। ऐसे मौसम में करीब 80 किलोमीटर का सफर तय करके आया हूं। गर्मी ने बेहाल कर रखा है। हालांकि परीक्षा अच्छी हुई है, लेकिन गर्मी थका देती है। परीक्षा के लिए मौसम अनुकूल होना जरूरी है।
-प्रवीन कुमार, जींद।
पहुंचने में काफी कठिनाई हुई
परीक्षा के चलते बसों में बहुत ज्यादा भीड़ थी। यहां तक पहुंचने में काफी कठिनाई हुई। हम चाहते हैं कि परीक्षा केंद्र हमेशा जिले के भीतर ही हो। गर्मी में सफर से बुरा हाल हो जाता है।
-बिट्टू, नरवाना।
यही चाहते हैं कि परीक्षा रद्द न हो
परीक्षा ठीकठाक हुई है। अब तो यही चाहते हैं कि परीक्षा रद्द न हो जाए। हर बार यही खबर आती है कि पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द हो गई है। ऐसा होने से युवाओं का मनोबल टूटता है।
-पंकज, नीलोखेड़ी।
उम्मीद है कि चयन हो जाएगा
इस बार 100 नंबर का पेपर था, पहले कई बार पेपर दिए हैं, वो 90 नंबर के होते थे। पूर्व में शारीरिक परीक्षा करवाई जाती थी। लिखित परीक्षा बाद में होती थी, लेकिन इस बार लिखित परीक्षा पहले ली गई है। पेपर बढिया हुआ है। उम्मीद है कि मेरा चयन हो जाएगा।
मुकेश सुथार, गांव रिसालिया खेड़ा, सिरसा
समय थोड़ा बढ़ाना चाहिए था
परीक्षा केंद्र गांव से 80 किलोमीटर दूर रहा। सुबह 6.30 बजे घर से बाइक पर चले थे। पेपर अच्छा हुआ है। हालांकि, 90 नंबर का पेपर होता था, तब भी 90 मिनट का समय होता था और अब 100 नंबर के पेपर में भी 90 ही मिनट दिए गए थे। समय थोड़ा बढ़ाना चाहिए था।
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-प्रवीन सुथार, गांव रिसालिया खेड़ा, सिरसा
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