फतेहाबाद। आयुष्मान भारत/चिरायु योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों में मरीजों के किए गए उपचार का भुगतान न होने पर आईएमए ने विरोध का फैसला लिया है। वहीं इस फैसले पर जिले में आईएमए से जुड़े डॉक्टरों में सहमति नहीं बन पाई। इस कारण पैनल में शामिल जिले के 20 में से पांच अस्पतालों ने उपचार बंद किया है, जबकि 15 पैनल अस्पतालों में मंगलवार को उपचार जारी रहा।
सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से पैनल वाले अस्पताल संचालकों को फोन करके उपचार संबंधी रिपोर्ट ली गई। इस दौरान पता चला कि 15 अस्पतालों ने उपचार नहीं रोका जबकि जिला मुख्यालय के पांच अस्पतालों ने मुफ्त उपचार से मना किया है। हालांकि, जिला मुख्यालय में पैनल पर शामिल अस्पतालों में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि मंगलवार दोपहर तक किसी अस्पताल ने उपचार बंद करने का नोटिस चस्पा नहीं किया।
ऑपरेशन के लिए दे रहे बाद की तारीख :
आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों में मुख्य तौर पर मरीज ऑपरेशन सुविधा का लाभ ले रहे हैं। हाथ के ऑपरेशन के लिए गांव बोदीवाली से आए मरीज कुलदीप ने बताया कि उन्हें इस योजना के तहत उपचार करवाना था। इसलिए उनसे कुछ दिन बाद आने के लिए कहा गया है।
54,658 मरीज ले चुके फायदा :
आयुष्मान भारत योजना की पात्रता सूची में जिले के 5.42 लाख शामिल हो चुके हैं। इनमें से 54,658 मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार करा चुके हैं। अस्पताल संचालकों ने इन मामलों में 69.10 करोड़ रुपये का क्लेम किया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पताल
- वधवा सर्जिकल अस्पताल फतेहाबाद
- जयपुर बच्चों का अस्पताल फतेहाबाद
- आई क्यू विजन प्राइवेट लिमिटेड फतेहाबाद
- लाइफ केयर अस्पताल फतेहाबाद
- सद्भावना अस्पताल फतेहाबाद
- उम्मीद मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल फतेहाबाद
- जनता आई एवं मैटरनिटी अस्पताल टोहाना
- मेहता आई अस्पताल टोहाना
- राजस्थान मेडिकल सेंटर टोहाना
- राजन आई, हार्ट एवं लेजर सेंटर टोहाना
- अरोड़ा अस्पताल टोहाना
- पारूल ईएनटी स्किन एवं लेजर सेंटर टोहाना
- सांई चिल्ड्रन अस्पताल टोहाना
- कक्कड़ नर्सिंग होम, टोहाना
- गुरु फकीर सहज जैन चेरिटेबल ट्रस्ट टोहाना
- दीपांश भाटिया नर्सिंग होम टोहाना
- शालिनी सर्जिकल एवं मैटरनिटी अस्पताल टोहाना
- खन्ना ईएनटी एवं डेंटल अस्पताल टोहाना
- अजय अस्पताल टोहाना
- गोयल नर्सिंग होम, रतिया
आईएमए ने फैसला लिया है कि बकाया भुगतान मिलने तक सदस्य मुफ्त उपचार नहीं करेंगे। सभी ने मिलकर ये फैसला लिया है। इसके लिए अब भी बैठक जारी है।
- डॉ. अंजना डाबड़ा, प्रधान, आईएमए, फतेहाबाद।
वर्जन :आईएमए की तरफ से विभाग को कोई नोटिस नहीं दिया गया है। अपने स्तर पर अस्पतालों से संपर्क करके पता लगाया गया तो पता चला कि पांच अस्पताल संचालक मुफ्त उपचार नहीं कर रहे हैं जबकि अन्य में जारी है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। -
डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन