फतेहाबाद। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर प्रदेश सरकार की ओर से की गई सख्ती के कारण जिले में पिछले चार दिनों में एक भी फायर लोकेशन नहीं आई। मगर रविवार को गांव समैन में एक जगह फसल अवशेष जलाने का मामला सामने आया है।
इसकी सूचना पाकर कृषि विभाग के कर्मचारियाें ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और इसकी शिकायत पुलिस को दे दी है। इसकी सोमवार को जांच के बाद एफआईआर की जाएगी। बता दें कि जिले में अभी तक कुल 42 फायर लोकेशन मिली हैं। इनमें से 35 किसानाें की लाल एंट्री दर्ज की गई है। वहीं, अब तक जिले में किसानों पर सात एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें से छह शिकायत एएफएल और एक शिकायत कृषि विभाग को अन्य स्रोत से मिली है। रविवार को जिले का एक्यूआई 344 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक स्तर पर पहुंचा हुआ है।
दिवाली की रात अधिक आग लगने की आशंका
कृषि विभाग के अधिकारियों को दिवाली की रात पटाखों व आतिशबाजी की आड़ में फसल अवशेषों में आग लगाने की आशंका है। इसलिए विभाग के अधिकारियों ने निगरानी तंत्र को और मजबूती रखने के निर्देश दिए हैं। दिवाली की रात को भी गांवों में निगरानी टीमों को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है।
:: पराली प्रबंधन करने को लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इस बार जिले में फसल अवशेष जलाने के मामलों में कमी आई है। किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध करवाने के साथ-साथ प्रति एकड़ 1000 रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। किसानाें से भी अपील है कि फसल अवशेषों को न जलाकर उनका प्रबंधन करें ताकि पर्यावरण स्वच्छ बना रहे।
-डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक कृषि विभाग फतेहाबाद।