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Fatehabad News: एडीजीपी से पुलिस प्रताड़ना की शिकायत, जांच के दिए निर्देश

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रतिया शहर थाने में ​आम जन की शिकायत सुनते एडीजीपी श्रीकांत जाधव। साथ हैं एसपी आस्था मोदी।
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फतेहाबाद/रतिया। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने बुधवार को शहर थाना में पुलिस से संबंधित शिकायतों और समस्याओं को लेकर खुला दरबार लगाया। एडीजीपी के समक्ष 37 लोगों ने अपनी शिकायतें रखीं। इनमें ज्यादातर शिकायतें में झगड़ों में पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से संबंधित रहीं। उन्होंने मामलों के जांच अधिकारियों को बदलने के निर्देश दिए। वहीं, नागपुर क्षेत्र की अधिक शिकायतें आने पर नागपुर पुलिस चौकी के प्रति एडीजीपी ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही एसपी आस्था मोदी से कहा कि इस क्षेत्र में अधिक काम करने की जरूरत है।खुले दरबार के बाद पत्रकारों से बातचीत में एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने कहा कि समाज को अपराध व ड्रग मुक्त बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से काम करने की आवश्यकता है। मेडिकल नशे के बढ़ रहे व्यापार पर उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके आगे कुछ कानूनी समस्याएं आ रही हैं। विभाग द्वारा साथी नामक एक एप बनाया जा रहा है, जिसमें सभी मेडिकल स्टोर का डाटा अपडेट रहेगा। इससे मेडिकल नशे पर अंकुश लगाने में पुलिस को काफी सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायत ध्यान से सुनना और समय पर उसे न्याय दिलवाना ही पुलिस अधिकारी व कर्मचारी का परम कर्तव्य है। आमजन की सुरक्षा व उनका सम्मान सुनिश्चित करना ही पुलिस की प्राथमिकता है।
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इस मौके पर एसपी आस्था मोदी, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी जय सिंह, सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज, ब्लाॅक समिति चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता सहित कई गणमान्य नागरिक व सभी पुलिस चौकियों के प्रभारी मौजूद रहे।
इन शिकायतों को एडीजीपी ने लिया संज्ञान

केस नंबर एक
गांव नागपुर निवासी ईश्वर सिंह ने एडीजीपी के सामने बताया कि दो महीने पूर्व गांव के चौक में युवक की हत्या हो गई थी, जिसमें चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मगर अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने एडीजीपी को बताया कि इस मामले में हत्या के कुछ ठोस तथ्य नहीं पाए गए। जिस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस पर आरोप लगाने शुरू कर दिए, लेकिन एडीजीपी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह मामले की जांच अन्य जिले के पुलिस कर्मचारियों से करवाएंगे।
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केस नंबर दो
गांव अलीकां के बुजुर्ग कश्मीर सिंह व उनकी पत्नी ने शिकायत दी कि नागपुर पुलिस ने उनके बेटे महंगा सिंह पर 3 सितंबर को स्नैचिंग का झूठा केस दर्ज करते हुए थर्ड डिग्री दी। इससे वह बुरी तरह घायल हो गया। इसकी मेडिकल रिपोर्ट भी उनके पास है। जब वह इस मामले की जांच के लिए गए तो पुलिसकर्मी उन्हें धमकाने लगे। शिकायत सुनने के बाद एडीजीपी ने एसपी व डीएसपी को निष्पक्ष जांच करवाने के निर्देश दिए और साथ ही उन्हें रिपोर्ट भेजने को कहा।

केस नंबर तीन
वार्ड नंबर एक निवासी बुजुर्ग महिला राजेंद्र कौर ने शिकायत में कहा कि सात महीने पूर्व उसके घर में चोरी हो गई, लेकिन अभी तक चोरों का सुराग नहीं लगा। बुजुर्ग महिला के रोने पर एडीजीपी ने मामले की जांच एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम से करवाने की बात कही।

केस नंबर चार

फतेहाबाद के शक्ति नगर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला मनजीत कौर ने शिकायत देते हुए कहा कि वह कनाडा में रहती थी, लेकिन उसके पति की मौत के बाद उसका बेटा उसे फतेहाबाद ले आया। धोखाधड़ी से नगरपालिका कर्मचारियों के साथ मिलकर घर अपने नाम करवा ली और उसे निकाल दिया। पुलिस ने उसके बेटे और बहू के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था, लेकिन अभी तक मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। एडीजीपी ने एसपी को मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
केस नंबर पांच

वार्ड नंबर 17 निवासी सुरेश रानी ने कहा कि करीब छह महीने पहले कुछ बदमाश युवकों ने उसके बेटे सतपाल को बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया था। इसकी शिकायत देने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। एडीजीपी ने शिकायत के आधार पर मामले में जांच करने की बात कही।
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