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बर्फीली हवाओं ने छुड़ाई कंपकंपी, आज स्कूलों में अवकाश घोषित, कल से टाइम भी बदला

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गांव कुलां में सर्दी से फसल का बचाव करने के लिए डाली गई तिरपाल। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद/कुलां। जिले में ठंड का असर लगातार जारी है। बुधवार सुबह शीत लहर ने ऐसी मुसीबत बढ़ाई कि लोगों की कंपकंपी छूट गई। स्कूल जाने वाले बच्चों और सब्जी-दूध विक्रेताओं व समाचार पत्रों के वितरकों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा। कोहरे के चलते हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए। ठंड से दिनभर कांपने को मजबूर दिखे। बुधवार को दिन का न्यूनतम तापमान 5.5 एवं अधिकतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने दो जनवरी को फतेहाबाद में बरसात की भविष्यवाणी की है।
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पिछले एक पखवाड़े से पड़ रही धुंध व ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंड के कारण सरकार ने वीरवार को स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार स्कूलों का समय साढ़े 9 बजे से साढ़े तीन बजे कर दिया गया है। बच्चों की प्री-बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर अभी एक दिन का ही अवकाश का एलान किया गया है। बिगड़ते मौसम के कारण सब्जियों को नुकसान बताया गया है। मेथी, पालक, बैंगन आदि सब्जयों को इस कोहरे से खासा नुकसान हो सकता है जबकि यही कोहरा गेहूं की फसल के लिए वरदान है।
दूसरी ओर कुलां में पिछले कुछ दिनों से निरंतर बढ़ रही ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। धरतीपुत्र भी बढ़ती ठंड से परेशान है। तापमान में अत्यधिक गिरावट का प्रभाव फसलों पर भी पड़ रहा है। इस ठंड के मौसम में तेज बर्फीली हवाओं के कहर से सब्जी की फसलें पाले की चपेट में आने से चौपट होने की कगार पर है। इससे सब्जी उत्पादक चिंतित हैं। हालांकि बुधवार दोपहर को सूर्य देव के दर्शन होने से धूप से लोगों ने ठंड से कुछ राहत महसूस की है। परंतु बीते दिनों में कंपकंपाती सर्दी व घने कोहरे से सब्जी की फसल प्रभावित होने से सब्जी उत्पादक किसानों को क्षति हुई है। कृषि अधिकारी भी ये पुष्टि कर रहें है कि सब्जी की फसल पर ठंड के कारण जमने वाले पाले का बुरा प्रभाव पड़ेगा। किसान फसलों को तिरपाल से ढककर व लकड़ी जलाकर धुंए जैसे उपाय करने में लगे हैं। गांव अकांवाली निवासी सब्जी उत्पादक किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसने खेत में बैंगन सब्जी उत्पादन किया है। ठंड व पाला जमने से ये फसल प्रभावित हो रहीं हैं। फसल को ठंड से बचाव हेतु उसने तिरपाल से फसल को ढका है। इससे जहां उसे मशक्कत करनी पड़ी है, वहीं सब्जी फसल उत्पादन में अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
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क्या कहते है कृषि अधिकारी
कड़ाके की सर्दी पड़ने से सब्जी की फसलें पाले से प्रभावित हो सकती है। ठंड के कारण पत्तियां व फूल मुरझाकर सूखकर झड़ने लगते हैं। इसका उपाय ये ही है कि फसलों को ठंड में पाले से बचाव हेतु अधिक से अधिक धुएं का प्रयोग करें। फसलों में हल्की सिंचाई एवं गंधक के घोल का स्प्रे करें। धुआं करने से खेतों में तापमान में वृद्धि होती है। वहीं हल्की सिंचाई करने से भी खेत का तापमान बढ़ जाता है। जिससे फसलों को राहत मिलती है।
मुकेश महला, खंड कृषि अधिकारी टोहाना
क्या कहते हैं बागवानी अधिकारी
ठंड में खेतों में पाला जमने की वजह से सब्जी की फसल को पहुंचता है। फसल को तिरपाल से ढककर ही बचाव किया जा सकता है। इसके लिए उद्यान विभाग किसानों को अनुदान राशि भी दे रहा है। जिससे वे तिरपाल खरीद सकें और अपनी सब्जियों को ढक सकें।
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- कुलदीप सिंह, जिला बागवानी अधिकारी फतेहाबाद
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