फतेहाबाद। जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के मुख्यालय पर वीरवार को कर्मचारियों ने सरकार की दोहरी नीति के खिलाफ सांकेतिक धरना आयोजित किया। सिरसा रोड स्थित जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में कार्यरत सभी अनुबंधित कर्मचारी धरने में शामिल हुए और नारेबाजी करते हुए अपने अधिकारों की मांग की।
धरने के बाद महाप्रबंधक के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र बूरा ने किया। धरने को संबोधित करते हुए बूरा ने कहा कि सेवा सुरक्षा कानून के बावजूद सहकारी बैंकों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों के रोजगार सुरक्षित करने की घोषणा की थी और कानून के नोटिफिकेशन तथा मुख्य सचिव के पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 15 अगस्त 2019 से पहले सेवा में आने वाले सभी कर्मचारी लाभार्थी होंगे। इसके बावजूद अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण बैंक कर्मचारियों को इस अधिकार से वंचित रखा गया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि सेवा सुरक्षा पोर्टल में बैंकों को शामिल नहीं किया गया, जो कानून की भावना के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सभी सहकारी बैंकों के अनुबंधित कर्मचारियों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाए और जो कर्मचारी कानून के दायरे से बाहर हैं, उन्हें पांच वर्ष पूर्ण होने पर सेवा सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाए, जबकि तब तक सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। धरने में सुरेश झाझड़ा, जितेंद्र जोड़ा, अमृत पाल कौर, कुलदीप नैन, इन्द्रप्रीत कौर, संदीप नंगथला, बनारसी देवी, बेअंत शर्मा समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।