फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को ऋण देकर नए व्यवसाय शुरू करवाए जा रहे हैं। राज्य सरकार और केंद्र के सहयोग से संचालित स्टार्टअप ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम के माध्यम से जिले की लगभग 1400 महिलाएं आत्मनिर्भरता बनी हैं।
यह कार्यक्रम महिलाओं को आर्थिक रूप से तो सुदृढ़ बना रहा है, साथ ही उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में समाज में नई पहचान भी दिला रहा है। पात्र महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही संतोष ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।
महिलाओं को खाद्य पदार्थ जैसे अचार, मुरब्बा, मसाले, पापड़ और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाकर बाजार में बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाएं अब पेशेवर तरीके से पैकेजिंग और मार्केटिंग सीखकर अपने उत्पादों को शहरों तक पहुंचा रही हैं। ऋण प्रदान करने से पहले महिलाओं को व्यवसाय के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।
इसके लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 महिलाओं को ही शामिल किया जाता है। महिलाओं को व्यापार प्रबंधन, लागत निर्धारण , साफ-सफाई के मानक और ग्राहकों से डील करने के गुर सिखाए जाते हैं।
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आसान ब्याज दर पर उपलब्ध है वित्तीय सहायता
इस योजना के तहत ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम से महिलाओं को काम शुरू करने के लिए आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें प्रत्येक लाभार्थी महिला को उसके व्यवसाय के आकार के अनुसार 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। यह ऋण मात्र 12 फीसदी वार्षिक ब्याज की दर पर उपलब्ध है, जो अन्य व्यावसायिक ऋणों से काफी कम हैं। इस वित्तीय मदद का उपयोग महिलाएं कच्चा माल खरीदने, मशीनरी लगाने और छोटे स्तर पर अपनी यूनिट स्थापित करने के लिए कर रही हैं।
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महिलाओं का आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा रुझान
इस योजना से अभी तक जिले की कुल 1400 महिलाओं का आत्मनिर्भर बनकर अपना व्यवसाय शुरू करने में कामयाब हुई हैं। प्रशिक्षण लेने पहुंची सुनीता, देविका और मंजू आदि ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग मिले तो वे परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकती हैं।
:: प्रदेश सरकार की ओर से ग्रामीण व शहरी महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में इस कार्यक्रम का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ा जाए। ऐसी महिलाएं जिनकी आय 5 लाख से कम है वह इसके लिए पात्र हैं।
-सतबीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण आजीविका मिशन, फतेहाबाद।