तीन कृषि कानूनों के विरोध में शहर के टाउन पार्क के बाहर पिछले 12 दिनों से चल रहे धरने प्रदर्शन पर बुधवार को गांव रत्ताखेड़ा के पूर्व सरपंच सहित छह लोगों ने क्रमिक भूख हड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में गांव रत्ताखेड़ा के पूर्व सरपंच सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के नाम पर किसानी को खत्म करने के लिए कानून लागू किए जा रहे हैं, लेकिन इससे किसानों के साथ-साथ आमजन को भी नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यदि तीनों कानूनों को रद्द नहीं किया तो किसान दिल्ली में मई 2024 तक डटकर प्रदर्शन करेंगे, वे सरकार के आगे झुकने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को जिद्द छोड़कर अन्नदाता की मांग मान लेनी चाहिए क्योंकि किसान देश की आबादी का पेट भरने का काम करता है।