गांव बनमंदोरी के पास रविवार को फिर बनमंदोरी डिस्ट्रीब्यूटरी में दरार आ गई। दरार आने से नहर टूट गई और करीब 200 एकड़ में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न हो गई। जिससे किसानों में रोष फैल गया है। यह नहर शुक्रवार को टूटी थी जिसकी दरार को पाटने का काम सिंचाई विभाग द्वारा शनिवार को शुरू किया गया। नहर की मरम्मत करने के बाद रविवार 10 बजे सुबह पानी छोड़ दिया गया। करीब 12 बजे दोबारा उसी स्थान से नहर की पटरी में दोबारा दरार आ गई, जिसके पानी के बहाव से किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि पर जल भराव होने से उनकी सरसों व गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
नहर के समीप बनमंदोरी निवासी विक्रम की जमीन है। उसकी 2 एकड़ जमीन में गेहूं की फसल में गाद भरने से वह पूरी तरह से नष्ट हो गई। बन मंदोरी डिस्ट्रीब्यूटर नहर में जहां दरार आई है, वहां पर बुर्जी संख्या 13400 है। इसके पास करीब 150 फीट की दरार आने से आसपास की करीब 200 एकड़ भूमि में जल का भराव हो गया। नहर से निकले पानी से बनमंदोरी निवासी मेहर चंद का सबमर्सिबल ट्यूबवेल पंप , झाबरमल का ट्यूबवेल, विक्रम का ट्यूबवेल खराब हो गए। इसके अलावा किसान सहदेव, रामसिंह, लीलू राम, दशरथ सहित करीब 30 से 40 किसानों की सरसों व गेहूं की फसल व पशु चारे का भूसा खराब हुआ है। किसानों ने बताया कि इस नहर में दो हफ्ते की बंदी के बाद शुक्रवार को ही पानी आया था।
बाकी क्षेत्रों में सिंचाई प्रभावित
अब शुक्रवार से रविवार तक इस दरार आने से हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई प्रभावित हो कर रह गई है। बनमंदोरी के जिस रकबे में जल भराव हुआ है, वह क्षेत्र सेमग्रस्त भी है। अब किसानों को यहां दोहरी समस्या से जूझना पड़ेगा। जिससे उनकी फसलें इस पानी की चपेट में आने से खराब हुई है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता धीरज बंसल ने बताया कि नहर में दोबारा दरार आई है। इसे जल्द ठीक करने का प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।