शहर को औपचारिक रूप से खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने का एलान होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। पार्षदों की ढिलाई के कारण प्रशासन पहले ही 30 अप्रैल की डेडलाइन से लेट हो चुका है। पार्षदों ने अभी तक स्कूलों की लिस्ट नहीं सौंपी है, जिनमें स्कूलों में बने शौचालयों का ब्योरा दिया जाना था। ऐसे में शहर को खुले में शौच मुक्त घोषित करने में 15 से 20 दिन की और देरी होनी तय है। इसके अलावा, शहर के विभिन्न वार्डों में सुबह-सवेरे चलाया जाने वाला ओडीएफ जागरूकता अभियान भी मंद पड़ चुका है। शहर को ओडीएफ करने के अभियान में अगर कुछ सकारात्मक चल रहा है तो वो हैं शहर के आउटर एरिया में रखे गए मोबाइल टायलेट। इनको लेकर स्थानीय निवासियों ने भी संतोष जताया है।
शहर के छह वार्डों में सबसे ज्यादा दिक्कत
शहर के अंदरूनी इलाकों में खुले में शौच को लेकर बहुत ज्यादा समस्या शुरू से ही नहीं थी, लेकिन शहर के बाहरी इलाकों में स्थित पांच वार्डों में ही खुले में शौच को लेकर दिक्कत थी। इनमें पार्षद नेहा मित्तल के वार्ड का गीता कालोनी का हिस्सा, पार्षद राजेश जांगड़ा का वार्ड, पार्षद राजकुमार सैनी का वार्ड, वीरेंद्र एडवोकेट का वार्ड, डा. रणजीत ओड के वार्ड का कुछ हिस्सा और पार्षद गुरदयाल के वार्ड का कुछ हिस्सा इसमें शामिल था। पिछले दिनों ओडीएफ टीम की अगुवाई में पार्षदों ने अलसुबह उठकर खुले में शौच जाने वाले लोगों को समझाने एवं उनको जागरूक करने का अभियान छेड़ा था। इस अभियान का असर भी हुआ, लेकिन फिलहाल यह जागरूकता अभियान भी धीमा पड़ गया है।
मोबाइल टायलेट से हुआ फायदा
नगर परिषद की ओर से शहर में चार जगहों पर मोबाइल टायलेट स्थापित किए गए हैं। इनमें एक एसडीएम आवास के सामने लेबर शेड के पास स्थापित है। इसके अलावा एक अशोक नगर में झुग्गी झोपड़ियों के पास एवं तीसरा मोबाइल टायलेट लघु सचिवालय के सामने खाली मैदान में स्थापित किया गया है। चौथा मोबाइल टायलेट माजरा रोड पर आगे जाकर स्थापित किया गया है। झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों ने इनको लेकर संतोष जताया है। भूना मोड़ पर अशोक नगर के पिछली साइड झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले भानी, रोमी और भागपति ने बताया कि उनके इलाके में एक माह पहले मोबाइल टायलेट स्थापित किए जाने से उन्हें काफी फायदा हुआ है।
शहर को ओडीएफ करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसमें ओडीएफ टीम के साथ हमारे पार्षदों और कर्मचारियों का भी पूरा योगदान रहा है। हमारी ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। महज वार्डों में से स्कूलों में शौचालयों की कंफर्मेशन आनी बाकी है। इसके बाद दिल्ली से आई टीम जांच करेगी और फतेहाबाद शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा।’
दर्शन नागपाल, नप चेयरपर्सन, फतेहाबाद