फतेहाबाद। नगर परिषद ने तकनीकी खामियों का हवाला देकर शहर के बीघड़ रोड पर गांव मताना में बने कचरा संग्रह स्थल पर जमा हुए 35 हजार टन कचरे के निस्तारण टेंडर को रद्द कर दिया है। अब इस टेंडर को नगर परिषद ने दोबारा लगाया है। नगर परिषद करीब ढाई करोड़ रुपये कचरे के निस्तारण पर खर्च करेगी। नगर परिषद ने अगस्त माह में ये टेंडर लगाया था और 9 एजेंसियां आई थीं। लेकिन बताया जा रहा है कि जिस एजेंसी को टेंडर जाना था उसका रेट कम था। इसके चलते भी ये प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। अब नगर परिषद इस टेंडर को 24 जनवरी को खोलेगा। गांव मताना में बनी साइट भरने के कारण नगर परिषद ने दो एकड़ जगह अलग से ली है। करीब पौने दो लाख रुपये सालाना पर ये जगह ठेके पर ली गई है। डोर-टू-डोर एजेंसी को इस जगह पर प्रोसेसिंग प्वाइंट लगाना है। ये जगह लेने के पीछे भी ये ही कारण है कि समय पर नगर परिषद पुरानी जगह को खाली नहीं करवा पाया है। नगर परिषद ने वर्ष 2021 से पहले जमा कचरे के निस्तारण का काम भी निजी एजेंसी को दिया था। इस दौरान 47 हजार टन कचरे का निस्तारण करवाया गया था। एजेंसी को 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया गया था। संवाद
ये है शहर की स्थिति
शहर में कुल प्रॉपर्टी : 30050
रोजाना शहर से निकल रहा कचरा : 35 से 40 टन
डोर-टू-डोर कचरा उठान एजेंसी को भुगतान : 1675 रुपये प्रति टन
कचरा संग्रह स्थल के लिए जगह : 2 एकड़
साइट पर कुल कचरा जमा : 34000 टन से 35250 टन
एजेंसी को मशीनों द्वारा कचरे को नष्ट करके बनानी होगी खाद
निस्तारण को लेकर जो भी एजेंसी आती है तो उसे मशीनों के द्वारा कचरे में से प्लास्टिक, लोहा, लिफाफे, कपड़ा आदि अलग-अलग करना होगा। इसके बाद कचरे को मशीनों के जरिये खाद बनाना होगा।
कोट
कचरा निस्तारण का टेंडर पहले लगाया गया था। जो एजेंसी आई थी उनके दस्तावेज नियमों को पूरा नहीं कर रहे थे। इसके चलते टेंडर रद्द करके दोबारा लगाया गया है।
-अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद